हिमाचल प्रदेश में आसमानी आफत के चलते लोगों पर आफत आन पड़ी है. राज्य में लगभग 11 स्थानों पर बादल फटने से तबाही जैसे आसार है. कई लोगों की जान जाने की भी खबर है. हालांकि अभी कितनी मौत हुई है इसकी पुष्टि नहीं हुई है. जानकारी के मतुाबिक 20 मकानों को नुकसान होने के साथ 15 पशुशालाओं को नुकसान हुआ है.. प्रदेश में वर्षा के बाद 406 सड़कें बंद हैं.. इसके अलावा प्रदेश में 1515 ट्रांसफार्मर खराब हैं जबकि लगभग 171 पेयजल योजनाओं को नुकसान हुआ है.. एनडीआरएफ सहित लोकल पुलिस राहत बचाव कार्यों में लगी है..
भारी बारिश
प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक वर्षा मंडी जिले के संधोल में 223.6 मिलीलीटर हुई। प्रदेश में अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट आई है। कांगड़ा में मंगलवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 11 डिग्री नीचे दर्ज किया गया. प्रदेश में सबसे अधिक तापमान धौलाकुआं में 31.5 जबकि ऊना में 31.4 डिग्री दर्ज किया गया।
भारी भूस्खलन
ऊना के साथ लगते बसाल गांव में स्थित स्वां नदी में मछली पकड़ने गए पांच प्रवासी जलस्तर बढ़ने से बीच में फंस गए। सूचना मिलने पर पुलिसकर्मियों व गृहरक्षकों ने करीब सवा दो घंटे बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया.. सोलन शहर के कोटलानाला में मंगलवार दोपहर बाद एक निर्माणाधीन भवन के साथ पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण वहां काम पर लगे मजदूर बाल-बाल बच गए।
पानी में बहने से 10 लोगों की मौत
वहीं, मंडी जिले में मंगलवार को बादल फटने से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। गोहर, करसोग, थुनाग व धर्मपुर उपमंडल में सात स्थानों पर बादल फटने से मकान जमींदोज होने व बाढ़ के पानी में बहने से 10 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 लोग लापता हैं। गोहर उपमंडल में पांच, सराज में चार व करसोग में एक व्यक्ति की मौत हुई है।