
Club Contribution Election में एक बार फिर से राजीव कुमार ने अपनी बादशाहत साबित कर दी है। मंगलवार को सम्पन्न हुए इस चुनाव में राजीव ने अपने प्रतिद्वंद्वी संजीव बालियान को बड़े अंतर से हराकर लगातार तीसरी बार कब्जा जमाया। इस जीत के साथ ही उन्होंने क्लब की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ और जनसमर्थन दोनों को फिर से स्थापित कर दिया है। आपको बता दें कि इस चुनाव में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, स्मृति ईरानी, जया बच्चन और कंगना रनौत समेत अन्य दिग्गजों ने वोट डाले.
बादशाहत कायम
कान्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया के चुनाव नतीजे किसी बड़े उलटफेर के बिना सामने आ गए। भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने एक बार फिर अपनी बादशाहत बरकरार रखी, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान को हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले में सिर्फ़ आंकड़ों की जंग नहीं, बल्कि सियासत में मर्यादाओं, बयानों और अंदरूनी समीकरणों का भी अहम रोल रहा। चुनाव से ठीक पहले बालियान और रूडी जिस तरह सुर्खियों में आए, उसका असर सीधे मतदान पर पड़ा। बताया जा रहा है कि सपा और कांग्रेस के सांसदों व पूर्व सांसदों ने बालियान के ख़िलाफ़ वोट किया।
ये बड़े नेता नहीं आए
मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, बिजनौर समेत वेस्ट यूपी की कई सीटों से पहली बार चुने गए सांसदों का इस क्लब में वोट ही नहीं था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी जैसे बड़े नेता मतदान के लिए नहीं पहुंचे। अमित शाह वोटिंग के लिए गए जरूर, लेकिन उनकी तरफ़ से बालियान के समर्थन में कोई ठोस लामबंदी नहीं दिखी। हाँ, निशिकांत दुबे जैसे उनके करीबी सांसद खुलकर बालियान के साथ थे, पर यह समर्थन भी खेल नहीं पलट सका। दिन में जब अमित शाह ने बालियान के कंधे पर हाथ रखा, तो माना गया कि यह जीत का संकेत है, लेकिन नतीजे आने पर तस्वीर साफ हो गई—रूडी के पक्ष में पहले से बने समीकरण आखिर तक कायम रहे और उनकी बादशाहत एक बार फिर साबित हो गई।
क्या बोले दोनों नेता
राजीव कुमार ने अपनी जीत के बाद कहा, "यह जीत मेरे लिए व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उन सभी सदस्यों की जीत है जो क्लब में पारदर्शिता, विकास और समावेशी नेतृत्व चाहते हैं। हम आगे भी क्लब को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास करते रहेंगे।" दूसरी ओर, संजीव बालियान ने परिणाम स्वीकार करते हुए कहा कि वह भविष्य में फिर से संगठन को मजबूत करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने चुनाव में गड़बड़ी के किसी भी आरोप से इनकार करते हुए कहा कि चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण रहा, जो क्लब की परिपक्वता को दर्शाता है।