पूर्वी दिल्ली। यूपी एटीएस की कार्रवाई में उजागर हुई आतंकी साजिश के तार जैसे ही सीमापुरी के सनलाइट कॉलोनी से जुड़े, राजधानी की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं। जांच में सामने आया कि सनलाइट कॉलोनी में रहने वाला समीर खान, जो आम जिंदगी जीता नजर आता था, दरअसल सोशल मीडिया के जरिए संदिग्ध नेटवर्क के संपर्क में था।
सूत्रों के मुताबिक समीर खान गुरु तेग बहादुर अस्पताल में कांट्रेक्ट पर नर्सिंग अर्दली (हेल्पर) के तौर पर काम कर रहा था। नोएडा एटीएस से इनपुट मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने भी इलाके में सक्रियता बढ़ा दी है। देर रात पुलिस टीम ने सनलाइट कॉलोनी पहुंचकर जांच-पड़ताल की और अहम सुराग जुटाने की कोशिश की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घनी आबादी वाले इस इलाके में किराये पर रहकर पहचान छिपाना आसान होता है। साथ ही दिल्ली-यूपी बॉर्डर के नजदीक होने के कारण आवाजाही भी बिना ज्यादा शक के संभव रहती है। इसी का फायदा उठाकर आरोपित लंबे समय तक अपनी गतिविधियों को छिपाता रहा।
जांच एजेंसियों के अनुसार, समीर इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बाहरी तत्वों के संपर्क में आया और धीरे-धीरे उनके प्रभाव में काम करने लगा। फिलहाल उसके डिजिटल नेटवर्क, चैट और सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि समीर किन-किन लोगों के संपर्क में था और क्या स्थानीय स्तर पर उसके सहयोगी भी मौजूद हैं। इसके साथ ही इलाके में संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक सीमापुरी का सनलाइट कॉलोनी क्षेत्र पहले से ही अपराध के लिए बदनाम रहा है। संकरी गलियां, बड़ी संख्या में किरायेदार और लगातार सामने आने वाली वारदातें इसे कानून-व्यवस्था के लिहाज से संवेदनशील बनाती हैं। चाकूबाजी, चोरी और झपटमारी जैसी घटनाएं यहां आम हैं, जिससे संदिग्ध गतिविधियों को छिपाना और आसान हो जाता है।
गौरतलब है कि पूर्वी दिल्ली के बॉर्डर इलाके पहले भी जांच एजेंसियों के रडार पर रहे हैं। गाजीपुर फूल मंडी आरडीएक्स बरामदगी 2022 और सीमापुरी आईईडी बरामदगी 2022 जैसे मामलों ने इन इलाकों की संवेदनशीलता को पहले ही उजागर कर दिया था।
वहीं, समीर के परिवार ने उसके आतंकी कनेक्शन की जानकारी से इनकार किया है। परिवार के मुताबिक वह पिछले दो साल से अस्पताल में काम कर रहा था और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता था। 22 अप्रैल को उन्हें सूचना मिली कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने उसे आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आर्थिक तंगी के चलते परिवार अब तक उससे मिलने भी नहीं जा सका है।