CM YOGI: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में निवेशक पूंजी निवेश करने से बचते थे। मगर इन नौ वर्षों में यूपी की पहचान बदल गयी। अब यहां बडे पैमाने पर निवेश हो रहा है। उत्तरप्रदेश औद्योगिक निवेश का बेहतरीन गंतव्य बने,पिछले नौ वर्ष में इसके लिए अनेक प्रयास किये गए।मंगलवार को यहां लोकभवन में आयोजित निवेश मित्र-3 पोर्टल का शुभारम्भ करने के बाद मुख्यमंत्री ने आमंत्रित निवेशकों, उद्योगपतियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तरप्रदेश देश के अंदर इन्वेस्टमेंट के बेहतरीन डेस्टिनेशन के रूप मे खुद को स्थापित कर सके, जो सपना आज से नौ वर्ष पहले हमने देखा था, आप सब की उपस्थिति उस सपने को जमीनी धरातल पर हकीकत में उतारने वाली है।
निवेश के लिए सबसे पसंदीदा निवेश स्थल उत्तरप्रदेश
आपने प्रदेश की डबल इंजन वाली सरकार पर विश्वास किया,तो आपके विश्वास पर खरा उतरने के लिए उस प्रकार का वातावरण आपको मिल सके,इसको प्रदेश सरकार ने प्रभावी ढंग से जमीनी धरातल पर उतारकर प्रस्तुत किया है। इसके कारण आज पूरे देश मे किसी भी उद्यमी के लिए निवेश के सबसे पसंदीदा निवेश स्थल उत्तरप्रदेश होता है।
निवेशकों का विश्वास ही सबसे बडी पूंजी
उन्होंने कहा कि यह विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है,इस विश्वास को पिछली सरकारों ने तोड़ा था,उत्तरप्रदेश वासियों और नौजवानों के सपना तोड़ा था।देश के सबसे बड़े राज्य के सामने वजूद के संकट खड़े किए गए थे। बीच के कालखंड में किसान ने इससे पलायन किया,आत्महत्या करने पर मजबूर हुए। स्थितियां बहुत खराब थी,लेकिन पिछले 9 वर्ष में हमने इस सेक्टर को और अच्छे ढंग से आगे बढ़ाया।
फूड बास्केट यूपी
सीएम योगी ने कहा कि उत्तरप्रदेश भारत का फूड बॉस्केट भी कहा जाता है।परिणाम क्या हुआ, भारत के कुल कृषि योग्य भूमि का 11% यूपी के पास है,और खाद्यान्न उत्पादन 21% कर रहा है,यानी 11 फीसदी भूमि में 21 फीसदी उत्पादन करके उत्तरप्रदेश फूड बास्केट के रूप में खुद को पुनर्स्थापित भी कर रहा है।
वर्ष 2017 से पहले का समय याद किया
मुझे याद है,2017 में जब हम निवेश की बात करते थे,एक सामान्य शिष्टाचार वश मिलने के लिए भले ही कोई आ जाय, लेकिन जब हम प्रदेश के बाहर कहीं जाकर कहते थे कि यूपी आइए निवेश करिये, तो कहते थे यूपी? कुछ लोग चुप हो जाते थे,लेकिन कुछ लोग कहते थे कि हमने 5 साल पहले संकल्प ले लिया था कि यूपी नही जाएंगे,लेकिन आप आये हैं तो एक बार प्रयास करेंगे!!!
इतना बोलकर हमारी वार्ता समाप्त हो जाती थी,ये 2017 में सच्चाई थी जिसको हमने फेस किया था।
पहचान का संकट किसने खड़ा किया था?
हर थाना क्षेत्र में,हर जनपद में समानांतर सरकार चलाने वाले माफिया गिरोहों ने खड़ा किया था,वह किसी न किसी राजनेता के गुर्गे के रूप में समानांतर सरकार चलाता था।किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित नहीं रहने देता था,न व्यापारी को,न बेटी को,न सामान्य नागरिक को। तब हमने तय किया कि इस माफिया की कमर तोड़नी है,और उत्तरप्रदेश में इसको क्रैश करना है,हम ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेंगे।
यह ज़ीरो टॉलरेंस आज भी बना हुआ है,माफिया कोई भी हो,किसी का भी सरपरस्त हो,अगर उसने कहीं दुस्साहस किया तो यह मान कर चलिए वह यमराज के यहां का टिकट काट रहा है।
यूपी के अंदर लगभग ढाई एयरपोर्ट संचालित होते थे।
योगी ने कहा कि ढाई का मतलब दो एयरपोर्ट पूरी तरह क्रियाशील थे लखनऊ और वाराणसी का और आधे में गोरखपुर और आगरा का था। गोरखपुर एक फ्लाइट आती थी वो कभी-कभी आती थी और आगरा में भी एक फ्लाइट आती थी वो कभी-कभी आती थी, कोई भी इस प्रकार का वातावरण नहीं था। आज हमारे पास 16 डोमेस्टिक एयरपोर्ट हैं, 4 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं और भारत का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर में इसी 28 को प्रधानमंत्री जी के कर कमलों से उद्घाटन होने वाला है। ये भारत का कार्गो का सबसे बड़ा और लॉजिस्टिक का सबसे बड़ा हब बनने वाला है । हमने जेवर में एमआरओ की भी एक नई सुविधा दी है जो भारत के अंदर पहली बार आपको देखने को मिलेगा ।एयरक्राफ्ट मेंटिनेंस रिपेयर एंड ओवरहॉलिंग,ये भी हम वहां पर देने जा रहे हैं।