मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में हुए दर्दनाक बस हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया, लेकिन इस त्रासदी के बीच 113 जवानों की बहादुरी एक उम्मीद बनकर सामने आई। नंगे पैर कांच के टुकड़ों पर चलकर इन जवानों ने 40 से ज्यादा लोगों की जान बचाई। अब मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने उनके इस अद्भुत साहस को सम्मानित करने का फैसला लिया है।
दर्दनाक हादसे ने मचाई अफरा-तफरी
छिंदवाड़ा के सिमरिया के पास देर रात एक भीषण बस हादसा हुआ, जिसमें कई यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक करीब 10 लोगों ने अपनी जान गंवाई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
नंगे पांव दौड़े और बचाईं जिंदगियां
हादसे के वक्त मौके पर मौजूद PTS रीवा के जवानों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया। सड़क पर बिखरे कांच के टुकड़ों की परवाह किए बिना ये जवान नंगे पैर ही घायलों तक पहुंचे। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर करीब 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
तीन फीट उठाई बस, निकाले घायल
स्थिति इतनी गंभीर थी कि कई यात्री बस के नीचे दब गए थे। जवानों ने मिलकर बस को लगभग तीन फीट तक उठाया और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। साथ ही तत्काल 112 पर कॉल कर एंबुलेंस की व्यवस्था भी करवाई, जिससे समय रहते घायलों का इलाज शुरू हो सका।
ड्यूटी से लौटते वक्त बने फरिश्ते
जानकारी के अनुसार, ये सभी जवान ड्यूटी से लौट रहे थे और उसी रास्ते से गुजर रहे थे जहां हादसा हुआ। जैसे ही उन्होंने बस को पलटा हुआ देखा, वे बिना किसी आदेश का इंतजार किए मदद के लिए दौड़ पड़े। उनका यह साहस और मानवता का जज्बा हर किसी के लिए प्रेरणा बन गया।
CM मोहन का सम्मान, मिलेगी नकद राशि
मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने इस साहसिक कार्य की सराहना करते हुए 113 जवानों को नकद पुरस्कार देने का ऐलान किया है। प्रत्येक जवान को 2 हजार से 5 हजार रुपए तक की राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए और घायलों को 1-1 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा भी की गई है।