भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय संविदा अधिकारी–कर्मचारी सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने संविदाकर्मियों को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने उन्हें सरकार की योजनाओं की रीढ़ बताते हुए वर्ष 2023 की संविदा नीति को पूरी तरह लागू करने की घोषणा की। नियमितीकरण, समान कार्य–समान वेतन और सम्मान–सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार के ठोस कदम उठाने का भरोसा दिलाया गया।
सम्मेलन में उमड़ा संविदाकर्मियों का सैलाब
राजधानी के टीटी नगर दशहरा मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संविदा अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे। सम्मेलन का आयोजन संयुक्त संघर्ष मंच और कर्मचारी महासंघ के बैनर तले किया गया, जहां वर्षों से लंबित मांगों को दोहराया गया। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, महंगाई भत्ता और 2023 में घोषित नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सरकार से स्पष्ट रोडमैप की अपेक्षा जताई।
‘संविदा दिल से काम करने वालों का समूह है’
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंच से कहा कि सरकार की हर जनकल्याणकारी योजना के पीछे संविदाकर्मियों की अहम भूमिका रहती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे श्रीराम को हनुमान जी की आवश्यकता थी, वैसे ही शासन–प्रशासन को संविदाकर्मियों की जरूरत है। उन्होंने कर्मचारियों से नारा भी लगवाया—“देश के हित में करेंगे काम, काम के लेंगे पूरे दाम।”
दो लाख कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के करीब दो लाख संविदाकर्मियों के लिए वर्ष 2023 की नीति का पूर्ण क्रियान्वयन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमितीकरण की प्रक्रिया 50 प्रतिशत तक लागू है और इसे आगे भी बढ़ाया जाएगा। साथ ही यह भरोसा दिलाया कि सम्मान और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता रहेगी।
विसंगतियां दूर करने का भरोसा
सीएम ने कहा कि नीति लागू करने में जहां भी अड़चनें हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। सभी विभागों के प्रमुख सचिवों को कर्मचारियों की मांगों से अवगत कराया जाएगा और उनके समाधान के लिए समयबद्ध कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि सरकार जो कह रही है, उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा।
समिति बनाकर होगा क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 2023 की संविदा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग और मोर्चा पदाधिकारियों की संयुक्त समिति गठित की जाएगी। यह समिति नीति से जुड़ी विसंगतियों, प्रक्रिया और अमल की निगरानी करेगी, ताकि संविदाकर्मियों को वास्तविक लाभ मिल सके।