MP Government Big Decision: मध्य प्रदेश में प्रशासन को जनता के और करीब लाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अगस्त से ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। छिंदवाड़ा से शुरू होने वाला यह अभियान 8 जनवरी 2027 तक चलेगा। इसके तहत हर शुक्रवार मंत्री, अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपने कार्यालयों से निकलकर सीधे जनता के बीच पहुंचेंगे और मौके पर ही समस्याओं के समाधान की कोशिश करेंगे।
छिंदवाड़ा से होगा अभियान का आगाज
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अगस्त को छिंदवाड़ा से मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस अभियान के जरिए सरकार का उद्देश्य प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संपर्क बढ़ाना है।अभियान के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी और उनके समाधान के लिए मौके पर ही जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
हर शुक्रवार फील्ड में रहेंगे अधिकारी और मंत्री
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत अब सरकारी अधिकारी सिर्फ कार्यालयों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हर शुक्रवार जमीनी स्तर पर पहुंचकर जनता से संवाद करेंगे।सचिवालय से लेकर जिला स्तर तक के अधिकारियों को फील्ड विजिट के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी गांवों और शहरों में पहुंचकर लोगों की शिकायतें सुनेंगे और सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे।
जनता की शिकायतों का होगा त्वरित समाधान
इस अभियान का सबसे बड़ा लक्ष्य लोगों की समस्याओं का समय पर निराकरण करना है। सरकार का मानना है कि कई बार आम लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।अब अधिकारी खुद जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझेंगे। इससे प्रशासन को ज्यादा जवाबदेह और संवेदनशील बनाने में मदद मिलेगी।
सरकारी योजनाओं की होगी जमीनी समीक्षा
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के दौरान सिर्फ शिकायतों का समाधान ही नहीं होगा, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की जाएगी।अधिकारी यह देखेंगे कि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ प्रभावी तरीके से पहुंच सके।
8 जनवरी 2027 तक चलेगा अभियान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अभियान को प्रदेश की 8.5 करोड़ से अधिक आबादी के प्रति सरकार की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता बताया है। 8 जनवरी 2027 तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से सरकार जनता के साथ लगातार संवाद बनाए रखने की कोशिश करेगी। माना जा रहा है कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।