भोपाल। Mohan Yadav ने रविवार देर शाम प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ी बैठक की। अचानक भोपाल पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा की। बैठक में Kailash Makwana सहित सभी जिलों के एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि शांति व्यवस्था में किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अचानक पुलिस मुख्यालय पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बिना पूर्व सूचना के भोपाल पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदेशभर के पुलिस अधीक्षकों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करना और आने वाले दिनों में संभावित चुनौतियों को लेकर रणनीति तय करना था। सीएम ने अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए।
त्योहारों को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देश
बैठक में आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए विशेष सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि कानून व्यवस्था के मामले में किसी प्रकार का कंप्रोमाइज नहीं होना चाहिए।
‘मध्य प्रदेश शांति का टापू’—सीएम का बयान
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मध्य प्रदेश को शांति और सौहार्द का प्रदेश बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश शांति का टापू है, इसे हर हाल में बनाए रखना है।” किसी भी प्रकार की अफवाह या असामाजिक गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
दुबई में फंसे MP के लोगों पर जताई चिंता
बैठक के दौरान दुबई में फंसे मध्य प्रदेश के नागरिकों का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री स्वयं स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। राज्य सरकार भी अपने स्तर पर समन्वय कर रही है ताकि प्रदेशवासियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।