हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. यह बैठक गुरुवार शाम करीब 4 घंटे चली, जिसमें उन्होंने पुलिस व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की. मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को अपराध पर सख्त कार्रवाई करने और पुलिस की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए.
हर थाने में हो सख्त निगरानी
सीएम ने कहा कि हर थाना क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखी जाए और अगर किसी इलाके में अपराध बढ़ते हैं, तो तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि सिर्फ जिला स्तर पर नहीं, बल्कि थाना स्तर पर भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.
फिरौती और रंगदारी पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने फिरौती और रंगदारी जैसे अपराधों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. पुलिस को चौकस और पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए.
महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता
सीएम सैनी ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को सबसे ऊपर बताया. उन्होंने आदेश दिए कि स्कूलों, कॉलेजों खासकर कन्या विद्यालयों और महाविद्यालयों में पुलिस का नियमित निरीक्षण हो. स्कूल की छुट्टी के समय विशेष पेट्रोलिंग की व्यवस्था की जाए ताकि छात्राएं और उनके माता-पिता खुद को सुरक्षित महसूस करें.
भीड़भाड़ वाले इलाकों में बढ़े पुलिस पेट्रोलिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर खासकर जब भीड़ हो सख्त निगरानी और पुलिस पेट्रोलिंग होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'दुर्गाशक्ति फोर्स' की गश्त बढ़ाई जाए.
नशा और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान
सीएम ने नशा तस्करी और उसके सेवन पर रोक लगाने को लेकर सख्त निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि हर जिले में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए और ‘नशा मुक्त हरियाणा’ अभियान को मजबूत किया जाए. साथ ही नशे से जुड़े मामलों की तेज जांच और अभियोजन सुनिश्चित किया जाए.
पुलिसकर्मियों पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान या वर्दी में शराब पीते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार अनुशासित और जनता के प्रति सहयोगी होना चाहिए.
शिकायतों पर तुरंत हो कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी शिकायतें जन संवाद पोर्टल या लिखित रूप से मिलें उन पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए. हर शिकायत का समयबद्ध समाधान हो और उसकी स्थिति पोर्टल पर अपडेट की जाए ताकि शिकायतकर्ता को समय पर न्याय मिल सके.
जनता से सीधा संवाद और पारदर्शिता बढ़े
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने अधिकारियों से कहा कि वो जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनें और एक्सटॉर्शन जैसे मामलों में तेज कार्रवाई करें. जिलों में एक्सटॉर्शन सेल बनाकर विशेष टीमें बनें और अपराधियों को जल्द सजा दिलाई जाए.
थाने में शिकायत पर मिले रिसिप्ट
गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि जब कोई व्यक्ति थाने में शिकायत दर्ज करवाए तो उसे शिकायत की रसीद तुरंत दी जाए. इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और पीड़ित को न्याय मिलने में आसानी होगी.
पुलिस अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वो अपने थानों का नियमित निरीक्षण करें और आमजन से सीधा संवाद करें. महिलाओं के खिलाफ अपराध और एनडीपीएस एक्ट के मामलों पर सतत निगरानी और समयबद्ध जांच की जाए.
इस बैठक में पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर, हरियाणा के महाधिवक्ता और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उनकी सरकार राज्य में शांति, सुरक्षा और पारदर्शी पुलिस व्यवस्था देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.