जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी तथा संभावित लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोग बेवजह घबराहट में आकर पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं। सीएम ने कहा कि जब सरकार आधिकारिक जानकारी देती है तो लोग उसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर जल्दी विश्वास कर लेते हैं, जो स्थिति को बिगाड़ सकता है।
अफवाहों पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अफवाहों के कारण हालात लगातार खराब होते रहे, तो सरकार को कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ने पर कुछ समय के लिए पेट्रोल पंप बंद करने का निर्णय भी लिया जा सकता है। उनका मानना है कि घबराहट में की गई खरीदारी से कृत्रिम कमी पैदा होती है, जबकि वास्तविक स्थिति सामान्य रहती है।
केंद्र सरकार का स्पष्ट बयान
केंद्र सरकार ने भी इन खबरों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार देश में लगभग 60 दिनों का पर्याप्त ईंधन भंडार उपलब्ध है। मंत्रालय ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुचारु है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। इसे जानबूझकर फैलाया गया दुष्प्रचार बताया गया है, जिसका उद्देश्य लोगों में डर पैदा करना है।
भारत की मजबूत ईंधन व्यवस्था
मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत दुनिया के प्रमुख रिफाइनिंग देशों में शामिल है और 150 से अधिक देशों को पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करता है। देश की रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे घरेलू मांग पूरी तरह सुरक्षित है। इस मजबूत संरचना के कारण ईंधन की उपलब्धता पर कोई खतरा नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय हालात पर नजर
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल होंगे, जिसमें ईरान और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर चर्चा होगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद देश में आपूर्ति पर कोई असर न होने की बात दोहराई। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें, ताकि अनावश्यक संकट की स्थिति पैदा न हो।