उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय ‘आम महोत्सव 2025’ का उद्घाटन करते हुए आधुनिक खेती के माध्यम से किसानों की आमदनी बढ़ाने का फॉर्मूला दिया. उन्होंने किसानों को प्रेरित किया कि आधुनिक तकनीक, बहुफसली प्रणाली और मूल्य संवर्धन पर जोर देकर एक एकड़ में ₹1‑लाख तक का शुद्ध लाभ कमाया जा सकता है. CM योगी ने औरैया ज़िले में आलू, मक्का, धान की तीन फसलों से उल्लेखनीय मुनाफे का उदाहरण देते हुए कहा कि ‘एक किसान ने एक एकड़ मक्का की खेती से ₹1‑लाख का मुनाफा हासिल किया’. उन्होंने बागवानी,औषधीय फसलें, इमारती लकड़ी और खाद्य प्रसंस्करण को भी किसानों के लिए लाभदायक विकल्प बताकर बहुआयामी कृषि अपनाने की सलाह दी.
तीन फसलें, एक लाख का मुनाफा
CM योगी ने औरैया जिले के एक किसान की मिसाल दी, जिसने आलू, मक्का और धान की तृतीयक खेती अपनाकर मक्का से ही एक ए से ₹1 लाख का लाभ कमाया. मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह आधुनिक कृषि के सकारात्मक परिणाम हैं.
विविध खेती से आमदनी में बहार
उन्होंने बागवानी, औषधीय पौधे और इमारती लकड़ी वाली फसलों को खेती में शामिल करके आय के कई स्तंभ बनाने की सलाह दी. साथ ही, फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के माध्यम से उत्पादन का मूल्य बढ़ाने पर बल दिया .
आम के निर्यात और आधुनिक सुविधाएं
लखनऊ, अमरोहा, सहारनपुर और वाराणसी में चार आधुनिक पैक‑हाउस स्थापित किए गए हैं, जो किसानों को मानकीकृत पैकेजिंग और वैश्विक मार्केट तक पहुँच के साथ एक्सपोर्ट सुविधा प्रदान करते हैं.
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान
सरकार का यह भी लक्ष्य है कि 9 जुलाई को 50 करोड़ पौधे लगाए जाएं. पहले 2017 में मुश्किल से 5 करोड़ पौधे लगाए जाते थे. यह पर्यावरणीय दृष्टि और किसानों के हित दोनों को दर्शाता है.
आम महोत्सव में कार्यक्रम
इस कार्यक्रम में 800+ आम की किस्मों का प्रदर्शन (दशहरी, लंगड़ा, अम्रपाली, गौरजीत, आदि) किया गया है. इसके अलावा बायर–सेलर मीट, सेमिनार और वैज्ञानिक गोष्ठियाँ आयोजित की गई हैं. जहाँ किसानों ने विशेषज्ञों और प्रगतिशील किसानों के अनुभवों से सीखा. इस दौरान अग्रणी बागवानों को सम्मानित किया गया और कहा गया कि यह मॉडल विकसित जिलों तक भी पहुँचाया जाए.