उत्तर प्रदेश की सड़कों के विकास को नई रफ्तार देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रदेश के सातवें एक्सप्रेस-वे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस -वे का लोकार्पण किया. इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से पूर्वांचल से दिल्ली और लखनऊ का सफर अब पहले से कहीं अधिक तेज और सुगम हो गया है. यह एक्सप्रेस-वे 91.35 किलोमीटर लंबा है, जो गोरखपुर के जैतपुर से शुरू होकर आजमगढ़ के सलारपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़ता है.
यूपी बना एक्सप्रेस-वे का हब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते आठ वर्षों में प्रदेश में पांच नए एक्सप्रेस-वे बने हैं. जिससे अब उत्तर प्रदेश देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे नेटवर्क वाला राज्य बन चुका है. वर्तमान में तीन एक्सप्रेस-वे निर्माणाधीन हैं और आठ नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण की योजना प्रस्तावित है.
पूर्वांचल के विकास का प्रवेश द्वार
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे गोरखपुर, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर और आजमगढ़ जैसे चार जिलों से होकर गुजरता है. यह फोर लेन एक्सप्रेस-वे पूरी तरह से प्रवेश नियंत्रित (Access-Controlled) है और भविष्य में इसे सिक्स लेन तक विस्तारित किया जा सकता है. परियोजना में भूमि अधिग्रहण सहित ₹7283.28 करोड़ रुपये की लागत आई है. इसका निर्माण दो चरणों में हुआ. पहला चरण गोरखपुर के जैतपुर से अंबेडकरनगर के फुलवरिया तक और दूसरा फुलवरिया से आजमगढ़ के सलारपुर तक.
गोरखपुर से लखनऊ साढ़े तीन घंटे में
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे से अब गोरखपुर से लखनऊ की दूरी केवल साढ़े तीन घंटे में तय की जा सकेगी. लखनऊ से आगरा और दिल्ली तक भी सफर पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा. मुख्यमंत्री योगी ने आजमगढ़ में एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करने के बाद स्वयं काफिले के साथ इस एक्सप्रेस-वे पर यात्रा कर इसकी गुणवत्ता और कनेक्टिविटी का निरीक्षण किया.
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर बोला हमला
आजमगढ़ की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि आजमगढ़ ने उन्हें मुख्यमंत्री और सांसद बनाया, लेकिन वो न तो विश्वविद्यालय बनवा सके और न ही एक्सप्रेस-वे. उन्होंने कहा कि 2016 में अखिलेश सरकार केवल 110 मीटर चौड़ा एक्सप्रेस-वे बना रही थी. टेंडर जारी कर दिया गया था लेकिन निर्माण में घोटाले होने लगे.
उन्होंने कहा कि जो लोग पहले माफिया और अंडरवर्ल्ड से गठजोड़ रखते थे, आज वही लोग ईमानदारी का दिखावा कर रहे हैं.
सुरक्षा के लिए तैनात हुई विशेष फ्लीट
एक्सप्रेस-वे पर यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यूपीडा द्वारा विशेष सुरक्षा फ्लीट तैनात की गई है. इसमें 5 इनोवा, 5 कैम्पर, 4 एम्बुलेंस, 2 क्रेन और 1 हाइड्रा वाहन शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने भगवानपुर टोल प्लाजा पर पहुंचकर इस फ्लीट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
उत्तर प्रदेश में चालू एक्सप्रेस-वे
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे: लखनऊ से गाजीपुर (341 किमी)
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे: चित्रकूट से इटावा (296 किमी)
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे: आगरा से लखनऊ (302 किमी)
यमुना एक्सप्रेस-वे: ग्रेटर नोएडा से आगरा (165 किमी)
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे: मेरठ से दिल्ली (82 किमी)
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे (25 किमी)
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे (91 किमी)
निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे
गंगा एक्सप्रेस-वे (591 किमी)
बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे (35 किमी)
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे (63 किमी)
प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे:
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे
जेवर एयरपोर्ट लिंक एक्सप्रेस-वे
विंध्य एक्सप्रेस-वे (प्रयागराज-वाराणसी-सोनभद्र)
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने वाला लिंक
गंगा एक्सप्रेस-वे को मेरठ से हरिद्वार तक बढ़ाने का प्रस्ताव
इन सड़कों के निर्माण से न केवल औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को बल मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा मिलेगी. पूर्वांचल अब सड़कों के माध्यम से देश की राजधानी दिल्ली से और मजबूत जुड़ाव के साथ उत्तर प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाने जा रहा है.