लखनऊ । प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड संगठन के 63वें स्थापना दिवस के अवसर पर सभी जवानों और कर्मियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की। यह उपहार प्रदेश के लगभग 76,000 होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके परिवारों के लिए बड़ राहत दी है। क्योंकि अब उन्हें इलाज के लिए आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
होमगार्ड परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में सीएम योगी ने रैतिक परेड का निरीक्षण किया और अधिकारियों व जवानों को संबोधित किया। होमगार्ड विभाग के सभी कर्मचारियों, अवैतनिक स्वयंसेवकों और उनके परिजनों को सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों सहित सभी अधिकृत स्वास्थ्य संस्थानों में बिना किसी वित्तीय सीमा के कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। यह योजना 'पंडित दीन दयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना' के तहत विस्तारित रूप में लागू होगी।
पुष्टाहार भत्ता व अन्य घोषणाएं
स्थापना दिवस पर पुष्टाहार भत्ता और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा भी की गई, जो जवानों की दैनिक ड्यूटी के दौरान पोषण और स्वास्थ्य को मजबूत करेगी। इससे पहले सरकार ने वर्दी भत्ता के रूप में 3,000 रुपये की एकमुश्त राशि भी प्रदान की थी। वर्तमान में विभाग में 1.18 लाख स्वीकृत पद हैं, लेकिन केवल 76,000 जवान कार्यरत हैं। योगी ने अपने संबोधन में कहा कि होमगार्ड जवान प्रदेश की सुरक्षा की रीढ़ हैं और उनकी सेहत सरकार की प्राथमिकता है।
यह घोषणा पिछले वर्षों में कर्मचारियों, पेंशनरियों और हाल ही में शिक्षकों को मिली कैशलेस सुविधाओं की कड़ी का हिस्सा है, जो कुल मिलाकर अधिक लोगों को लाभ पहुंचाएगी। यह कदम होमगार्ड जवानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है। खासकर आपात स्थितियों में इलाज की व्यवस्था को लेकर। विभाग जल्द ही एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च करने जा रहा है, जो जवानों को ड्यूटी और कल्याण योजनाओं से जोड़ेगा।