CM YOGI: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि इस बार उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल-इण्टर, सीबीएसई, आईसीएसई की दसवीं व बारहवीं परीक्षाओं मेंछात्राएं मेरिट में ज्यादा आयी हैं, छात्र कम आए हैं। दसवीं बारहवीं सबमे छात्राओं ने ज्यादा मेहनत की।यह मेरिट बताती है कि परिवर्तन आया है। सोमवार को यहां लोकभवन में इन मेधावियों के सम्मान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने हास परिहास में छात्रों के मेरिट में पिछड़ने पर चुटकी ली- "शायद छात्र अब झाड़ू पोंछा, सब्जी लाना, मोहल्ले में झाड़ू ज्यादा लगा रहे।"
अभिभावकों को दी सीख
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो वर्ष तीन वर्ष के बच्चों को मोबाइल पकड़ाना अनुचित है।उन्हें थोड़ा अन्य रचनात्मक विकास वाले कार्यों से जोड़िए।भगवान राम के गुरु वशिष्ठ, विश्वामित्र और वाल्मीकि ने उन्हें गढ़ा ।ज्ञान की परंपरा ने भारत को विश्वगुरु का दर्जा दिलाया।आज उसी कड़ी में यह मेधावियों का सम्मान भी है।ज्ञान की परंपरा ने भारत को विश्वगुरु का दर्जा दिलाया।आज उसी कड़ी में यह मेधावियों का सम्मान भी है।आज से नौ वर्ष पूर्व यह संभव नहीं था, तब मेरिट-डीमेरिट का पता ही नहीं था।
सोशल मीडिया को कम समय दें
मुख्यमंत्री ने छात्र छात्राओं को सोशल मीडिया के कम उपयोग की सीख दी।अखबार पढ़े, टीवी देखे तो न्यूज देखे, सोशल मीडिया का कम उपयोग करें।कहा, ज्यादातर कंटेंट तथ्य विहीन आप उलझेंगे बस।"इंटरव्यू में कोई नहीं पूछेगा कि आपके फॉलोअर्स कितने हैं"।अति आत्म विश्वास में व्यक्ति छोटी बातों का ध्यान नहीं रखता।वही उसके विकास का बैरियर बन जाती हैं। यह उम्र ही जीवन का लक्ष्य तय करने का उचित समय है। सीएम ने कहा-आज हम एक साथ 1682 छात्र छात्राओं को सम्मानित कर रहे।आप सभी ग्रीष्म अवकाश का सदुपयोग करें, उत्तम शारीरिक स्वास्थ्य के लिए समय निकालें।समय पर सोना जागना, भोजन, भोजन का संतुलन बनाना।आप सफल हुए, अपने साथियों पारिवारिक भाई बहनों को प्रेरित करें।यह मेहनत अन्य क्षेत्रों में भी की जा सकती है, खेल, कला अनेक क्षेत्र हैं।समाज और देश के योगदान के प्रति कृतज्ञता रखें ।
परीक्षा छात्रों के प्रोत्साहन का माध्यम होना चाहिए
आज से नौ वर्ष पूर्व यह संभव नहीं था, तब मेरिट-डीमेरिट का पता ही नहीं था,परीक्षा छात्रों के प्रोत्साहन का माध्यम होना चाहिए।नौ वर्ष पहले, अंत में ठेका होना ही था, तो छात्र मेहनत नहीं करते थे।जम्मू कश्मीर के छात्र पूर्वी यूपी के कुछ जिलों से फार्म भरते थे।उनके स्थान पर परीक्षा कोई और देता था, अब वह नहीं है।
मेधावियों को सम्मान में मिला टेबलेट
प्रदेश स्तर पर उच्च अंक प्राप्त 10 मेधावियों को 01 लाख रुपए, टैबलेट तथा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। जिला स्तर पर टॉप करने वाले 10 मेधावियों को 21 हजार रुपए तथा प्रशस्ति पत्र दिया गया।
सीतापुर की छात्राएं रहीं टॉपर
सीतापुर के बाबूराम सावित्री देवी इंटर कॉलेज की छात्राओं ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया।छात्राओं के अभिवावकों को भी सम्मानित किया गया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी सफलता पर उनको, उनके माता-पिता, शिक्षक शिक्षिकाओं को बधाई दी। बोले-मेधावियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना, मंगलकामनाएं।
दो वर्ष तीन वर्ष के बच्चों को मोबाइल पकड़ाना अनुचित है।
समारोह में प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने भी किशोरों व युवाओं को मोबाइल के सदुपयोग पर अभिवावकों को सीख दी। उन्होंने कहा किअभिवावक भाई बहन, छात्र छात्राओं से आत्मीय व्यवहार रखें। दसवीं, बारहवीं के छात्र-छात्रा किशोर वय, इनसे मित्रवत सम्बन्ध रखें। उन्होंने कहा कि शिक्षक, शिक्षिकाओं का व्यवहार, पहनना - ओढ़ना, आचरण बच्चों को प्रभावित करता है। विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी परीक्षा नकल विहीन, शुचिता पूर्ण सम्पन्न हुई। हमे उच्च अंक प्राप्त करने वाले मेधावियों के सम्मान का अवसर मिला।