Varanasi News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया, जिससे 12 लाख शिक्षकों और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा उन्होंने , 1.10 करोड़ विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, स्कूल-बैग और स्टेशनरी के लिए उनके अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 1200 रूपये का हस्तांतरण भी किया।
प्रधानाचार्यों को किया गया सम्मानित
10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसमें जीवन बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, व्यक्तिगत विकलांगता कवर और हवाई दुर्घटना कवर शामिल हैं। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के 12 प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया गया।
1200 रूपए की धनराशि सीधे भेजी गई
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि यह योजना शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग को पूरा करती है और उन्हें चिंतामुक्त होकर बच्चों के भविष्य को संवारने में मदद करेगी। डीबीटी व्यवस्था के तहत, 1.10 करोड़ बच्चों के अभिभावकों के खातों में 1200 रूपए की धनराशि सीधे भेजी गई, जिससे वे बच्चों के लिए आवश्यक सामग्री खरीद सकेंगे।
12 विद्यालयों को मिला पुरस्कार
केन्द्र सरकार की 'स्वच्छ एवं हरित विद्यालय योजना' के तहत उत्तर प्रदेश के 12 विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर पर 'स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार' मिला है। संदीप सिंह ने बताया कि 2017 में ड्रॉपआउट दर 15% थी, जो 2026 में 3% से भी कम हो गई है, और सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को 12वीं तक उच्चीकृत किया गया है।