CM YOGI: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों का आह्वान किया है कि वे किसी एक खेल को गोद लेकर उससे जुड़ी प्रतिभाओं को तराशें। खेल के जरिये स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कराकर अनुशासन और खेल भावना को मजबूत करने में योगदान दें। सीएम योगी शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता के औपचारिक उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेरठ में बन चुकी
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल गतिविधियों को बढ़ाने से युवा नशे से दूर रहेंगे, तमाम विकृतियों से बचे रहेंगे। युवा खेलेगा तो खिलेगा, और यही युवा देश को आगे बढ़ाने में, 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में योगदान देगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने खेलों के माध्यम से भी विकसित भारत बनाने के अभियान में भरपूर प्रयास किए हैं। प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेरठ में बन चुकी है। मेरठ में हर प्रकार के स्पोर्ट्स आइटम बन रहे हैं और इसे सरकार ने ओडीओपी में शामिल किया है।
पीएम मोदी की खेलों में अपार रुचि
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विगत 11 वर्षों में देश में एक नई खेल संस्कृति ने जन्म लिया है। 2014 के पहले खेल की गतिविधियां और प्रतियोगिताएं सरकार के एजेंडे का हिस्सा नहीं होती थीं। खेल और खिलाड़ियों की उपेक्षा होती थी।
स्वस्थ शरीर से ही प्राप्त होंगे जीवन के सभी साधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा ने खेलकूद को सदैव महत्व दिया है। भारत की ऋषि परंपरा के उद्घोष ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’ का उद्धरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा जीवन के जितने भी साधन हैं, उन्हें स्वस्थ शरीर से ही प्राप्त किया जा सकता है। शरीर स्वस्थ रखने के लिए खेलकूद की गतिविधियों से जुड़ना होगा। नियम, संयम और अनुशासन से शरीर पर ध्यान देना होगा। स्वस्थ शरीर से ही समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि खेलकूद को तमाम परिवारों ने जीवन का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में बेटे-बेटी में भेदभाव नहीं है। आज बच्चा (बेटा या बेटी) खेल में रुचि दिखाता है, तो अभिभावक प्रोत्साहित करते हैं, उसके अनुरूप संसाधन की व्यवस्था करते हैं।
कॉमनवेल्थ और ओलंपिक के अनुरूप करें तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स गुजरात में होंगे। हर राज्य और खिलाड़ियों को इसके अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। भारत 2036 के ओलंपिक गेम्स की मेजबानी के लिए भी आवेदन कर रहा है। कॉमनवेल्थ और ओलंपिक में अधिक पदक जीतने की तैयारी अभी से करनी होगी।
बास्केटबॉल कोर्ट में बॉल उछाल कर किया उद्घाटन
मंचीय कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुब्बारे उड़ाकर तथा बास्केटबॉल कोर्ट में फीता काटकर प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन किया। उन्होंने स्वयं भी बास्केटबॉल कोर्ट में बॉल उछाली। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर विश्वविद्यालय और शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ की खिलाड़ियों से परिचय भी प्राप्त किया। मंचीय कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद सीएम योगी ने फर्स्ट हाफ का मैच देखा और ताली बजाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
खेलों से मजबूत होती है राष्ट्रीय चेतना
इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि खेलों के आयोजन से राष्ट्रीय चेतना मजबूत होती है। खेल केवल परंपरा ही नहीं, संस्कार और सामाजिक चेतना का भी माध्यम होते हैं। 14 राज्यों के 31 विश्वविद्यालयों की महिला खिलाड़ियों की प्रतिभागिता वाले इस आयोजन से उदीयमान प्रतिभाओं को प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। यह आयोजन सांस्कृतिक समन्वय और राष्ट्रीय एकता का भी प्रभावी मंच है। खेल से स्वास्थ्य, स्वास्थ्य से आत्मविश्वास और आत्मविश्वास से सशक्त राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता है। खेल वह भाषा है, जो विविधता को एकसूत्र में बांधती है। इस अवसर पर कुलपति ने खेल के क्षेत्र में गोरखपुर विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उद्घाटन कार्यक्रम को गोरखपुर विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के अध्य्क्ष प्रो. विमलेश कुमार मिश्र ने भी संबोधित किया।
ये लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, श्रवण कुमार निषाद, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, डॉ. विभ्राट चंद कौशिक आदि भी मंचासीन रहे।