उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार शाम किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ में दो नए भवनों का उद्घाटन और तीन अन्य भवनों का शिलान्यास करेंगे. ये सभी परियोजनाएं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं.
कार्डियोलॉजी भवन से बढ़ेगी इलाज की क्षमता
KGMU के लारी कार्डियोलॉजी विभाग का नया भवन छह महीने पहले बनकर तैयार हो चुका था और अब इसका औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा. इस भवन से दिल के मरीजों का इलाज करने की क्षमता दोगुने से भी ज्यादा बढ़ जाएगी. ICU बेड की संख्या 84 से बढ़कर 180 हो जाएगी. यह 10 मंजिला भवन है, जिसमें छह मंजिलों पर इलाज की सुविधा और बाकी मंजिलों पर मल्टीलेवल पार्किंग की व्यवस्था है.
ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में होंगी सभी सुविधाएं
KGMU में नया ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर भी शुरू किया जाएगा. इसमें आर्थोपेडिक सर्जरी, स्पोर्ट्स मेडिसिन और पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक विभाग को शिफ्ट किया जाएगा. इस भवन में 340 बेड होंगे. 24 प्राइवेट रूम, 24 ICU बेड, 8 ऑपरेशन थियेटर और 8 ओपीडी रूम होंगे. इसके अलावा MRI, CT स्कैन, एक्स-रे, खून की जांच जैसी सभी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी. साथ ही कैंटीन, पार्किंग और सस्ती दवाओं की दुकान भी होगी.
जनरल सर्जरी भवन का होगा शिलान्यास
जनरल सर्जरी विभाग के लिए एक नया 300 बेड का भवन बनने जा रहा है. यह भवन 9.62 एकड़ क्षेत्र में बनेगा और इसमें 11 मंजिलें होंगी. इसमें 12 ऑपरेशन थियेटर होंगे, जिनमें एक रोबोटिक सर्जरी ओटी और 11 मॉड्यूलर OT होंगी. साथ ही दोमंजिला बेसमेंट पार्किंग और ऑडिटोरियम जैसी सुविधाएं भी होंगी. इसकी लागत करीब 315 करोड़ रुपये आएगी.
ट्रॉमा-2 से गंभीर मरीजों को मिलेगा ज्यादा इलाज
ट्रॉमा सेंटर फेज-2 यानी ट्रॉमा-2 भवन का भी शिलान्यास होगा. यह भवन 296 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा और इसमें 500 बेड की व्यवस्था होगी. इसका उद्देश्य सड़क हादसों और अन्य गंभीर मामलों में मरीजों को तुरंत इलाज देना है. अभी ट्रॉमा सेंटर में 466 बेड हैं और ज्यादा मरीजों के कारण हर दिन कई मरीजों को लौटाना पड़ता है. नया ट्रॉमा सेंटर इस परेशानी को कम करेगा.
प्रशासनिक भवन से कामकाज में सुधार
इसके अलावा केजीएमयू परिसर में एक नया प्रशासनिक भवन भी बनाया जाएगा, जिससे दफ्तरों का कामकाज और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और तेज हो सकेगी. इन सभी परियोजनाओं से न केवल मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि KGMU की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी काफी बढ़ेगी.