लखनऊ। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से होने वाली जनहानि, पशुहानि और आर्थिक हानि का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये हें कि वह फील्ड में उतरकर राहत-बचाव कार्य की निगरानी करने के निर्देश दिये हैं।
उन्होंनेप्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने कहा है कि अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से हुई क्षति का 24 घंटे में आकलन कर मुआवजा दिया जाए। आम जनमानस को उन्होंने सलाह दी है कि आकाशीय बिजली व अतिवृष्टि के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
अतिवृष्टि के दौरान नदियों और जलाशयों में स्नान से बचें, विशेष सावधानी बरतें। उधर, मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी पर बने गहन अवदाब के कारण मानसून की सक्रियता बढ़ गई है। पिछले दो दिन से लखनऊ और आसपास समेत पूर्वी एवं दक्षिणी यूपी के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में पूर्वांचल में बारिश की तीव्रता और बढ़ेगी। इसका असर कई जिलों में भी देखने को मिलेगा। इस दौरान करीब 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा भी चलने का पूर्वानुमान है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि दक्षिणी उड़ीसा-उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश पर संकेंद्रित अवदाब के प्रभाव से यूपी में वर्षा में व्यापक वृद्धि के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
इस दौरान करीब 24 जिलों में दिन के तापमान में चार से आठ डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। साथ ही सामान्य बारिश का कोटा भी पूरा हो सकता है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में 28 सितंबर तक रुक-रुककर वर्षा का दौर जारी रहेगा।
शनिवार को बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अयोध्या और आसपास के जिलों में अत्यधिक भारी बारिश के आसार हैं। इसके अलावा पूर्वी यूपी के सभी जिलों में रविवार तक भारी बरसात की उम्मीद जताई गई है। 29 अक्टूबर से मौसम साफ होना शुरू होगा और चार अक्टूूबर से बारिश का दौर पूरी तरह थम जाएगा।