CM Yogi Lashed Out Opposition: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दौरे के दौरान विपक्षी दलों पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग आज अयोध्या और आस्था की बात कर रहे हैं, वही अतीत में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने जैसी घटनाओं से जुड़े रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी 432 करोड़ रुपये की 217 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान आयोजित जनसभा में की। इस अवसर पर उन्होंने अयोध्या की भदरसा नगर पंचायत का नाम बदलकर भरत नगर करने की भी घोषणा की।
हनुमानगढ़ी और आस्था को लेकर विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री ने बिना किसी दल का नाम लिए कहा कि जो राजनीतिक दल आज धार्मिक आस्था की बात करते हैं, उन्होंने पहले ऐसे कार्य किए जिनसे लोगों की भावनाएं आहत हुईं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी अन्य धार्मिक स्थल पर दूसरी परंपरा के धार्मिक कार्यक्रम की कल्पना नहीं की जा सकती, तो अयोध्या में ऐसा क्यों होने दिया गया था। योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर और सनातन संस्कृति के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने का काम किया है।
राम मंदिर और विकास कार्यों का किया उल्लेख
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या का व्यापक विकास हुआ है और शहर अब आधुनिक सुविधाओं के साथ नई पहचान बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि सौर ऊर्जा आधारित शहर के रूप में अयोध्या तेजी से आगे बढ़ रही है और देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से लंबित विकास कार्यों को वर्तमान सरकार ने गति दी है।
यह भी देखेंःRam Mandir चढ़ावा मामला, जांच में खुल रहे ये नए राज, आप भी जानिए
राम मंदिर निर्माण का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए कई पीढ़ियों तक संतों, सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने संघर्ष किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान मंदिर निर्माण में अनेक बाधाएं खड़ी की गईं, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राम मंदिर का निर्माण संभव हो सका। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जो शहर की बदली हुई तस्वीर को दर्शाता है।
भदरसा का नाम बदलकर भरत नगर करने की घोषणा
जनसभा में मुख्यमंत्री ने अयोध्या की भदरसा नगर पंचायत का नाम बदलकर भरत नगर किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भगवान राम के छोटे भाई भरत त्याग, समर्पण और आदर्श के प्रतीक हैं, इसलिए उनके सम्मान में यह निर्णय लिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास कार्य आगे भी जारी रहेंगे। उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में राम मंदिर में दान राशि से जुड़े कथित विवाद को लेकर विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।