CM YOGI: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए न रोजगार था और न पारदर्शी भर्ती प्रणाली। सरकारी नौकरियों पर एक परिवार का अधिकार था और बिना पैसे कोई काम नहीं होता था। 2017 से पहले की तत्कालीन सरकार ही अपशगुन थी। उत्तर प्रदेश कभी बीमारू नहीं था, बल्कि तत्कालीन सरकार की सोच व कार्यशैली बीमार थी। 2017 से पहले तत्कालीन राज्य सरकार ही प्रदेश की सबसे बड़ी अपशगुन थी।
"साझा भविष्य के लिए कौशल"
पिछले नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने 9 लाख से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां दी हैं, जबकि सवा तीन करोड़ से अधिक युवा व कारीगर रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री बुधवार को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने कहा कि इस वर्ष यूनेस्को ने विश्व युवा कौशल दिवस की थीम "साझा भविष्य के लिए कौशल" निर्धारित की है।
पहले यूपी के नाम से चिढ़ते थे बाहरी लोग
सीएम ने कहा कि पिछली सरकारों ने ऐसे हालात बना दिए कि बाहर के लोग यूपी के नाम से चिढ़ते थे। कोई युवा डिप्लोमा या डिग्री लेकर प्रदेश से बाहर जाता था तो उसे अपनी पहचान और सम्मान के लिए संघर्ष करना पड़ता था। सरकारी नौकरियों पर एक खानदान का अधिकार था, पारदर्शिता का अभाव था। भर्ती प्रक्रियाओं में भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार हावी था। बिना पैसे कोई काम नहीं होता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि धन्ना सेठ हो या झोपड़ी में रहने वाला इंसान, रोटी केवल दो ही खाता है। जिसके पास सीमित आवश्यकता है, उसको नींद अच्छी आती है। जिसके पास चोरी का पैसा होगा, वह ठीक से सो भी नहीं पाता। उसके लिए तो जीवन नर्क से बदतर है।
बदलती तकनीक के अनुरूप ट्रेंनिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती तकनीक के अनुरूप प्रदेश के आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, 3 डी प्रिंटिंग से लेकर सेमीकंडक्टर निर्माण तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये सुविधाएं केवल लखनऊ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा या गाजियाबाद तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि महोबा, चित्रकूट, सोनभद्र, बलिया, बहराइच समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी आधुनिक कौशल प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
विदेशी भाषा का भी मिलेगा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई युवा जापान या किसी अन्य देश में रोजगार करना चाहता है तो उसे संबंधित देश की भाषा का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा और रोजगार उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा। राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर रोजगार की मांग के अनुरूप युवाओं को तैयार करने की व्यापक व्यवस्था विकसित की जा रही है। हर घर नल योजना, पीएनजी गैस विस्तार, डिजिटल इंडिया, इलेक्ट्रॉनिक्स, उन्नत विनिर्माण और अन्य आधुनिक क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना होगा।
ये लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास विभाग के मंत्री कपिल देव अग्रवाल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान एवं मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा डॉ. हरिओम, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन एम.के. सुंदरम और प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।