मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा, मोहर्रम और रथयात्रा जैसे पर्वों के दौरान भड़काऊ नारे, हथियारों का प्रदर्शन या किसी प्रकार की अराजकता कतई बर्दाश्त नहीं होगी. उन्होंने जिलेवार चेतावनी देते हुए कहा कि कौशांबी, इटावा और औरैया में हालिया मामलों की तरह जातीय संघर्ष भड़काने की साजिशों पर तुरंत काबू पाएं और दोषियों की पहचान सार्वजनिक रूप से करके तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू कर दें, जिसमें शासन से आदेश का इंतज़ार न किया जाए.
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए अधिकारियों से चर्चा करते हुए आगामी त्योहारों की तैयारियों और कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त दिशानिर्देश दिए:
आवाज़ और ऊँचाई नियंत्रण:
उन्होंने डीजे, ढोल–ताशा, ताजिया और रथ की ध्वनि और ऊँचाई निर्धारित सीमा से ऊपर नहीं होने की स्पष्ट चेतावनी दी.
परंपरा और संरक्षण:
शोभा यात्राओं के दौरान पेड़ काटना या गरीबों के आश्रय हटाना को पूरी तरह से मना किया गया.
मांस और शराब पर पाबंदी:
कांवड़ यात्रा मार्ग पर खुले में मांस और शराब की बिक्री सख्ती से रोकी जाए, साथ ही सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए.
दुकानों में पारदर्शिता:
डीएमों को निर्देश दिए कि हर दुकान पर संचालक का नाम व दरें स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हों, और ओवर-रेटिंग बिल्कुल न हो.
भीड़‑प्रबंधन और निगरानी:
विशेषकर शिवालयों और मोहर्रम जुलूसों में भीड़‑प्रबंधन, सफाई, ट्रैफिक और सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखा जाए; संदिग्धों और अराजक तत्वों की निगरानी ड्रोन और सोशल मीडिया से की जाए.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ये इंतज़ाम श्रद्धालुओं की आस्था को संरक्षित करने और सामाजिक शांति बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए व्यवस्थाओं में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
मंदिरों की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान निर्देश दिए कि 11 जुलाई से 9 अगस्त तक चलने वाले पवित्र श्रावण मास में कांवड़ यात्रा, श्रावणी शिवरात्रि, नाग पंचमी, रक्षाबंधन उत्सवों के दौरान विशेष प्रबंध किए जाएं. इसके अतिरिक्त 27 जून से 8 जुलाई तक जगन्नाथ रथ यात्रा और 27 जून से 7 जुलाई तक मोहर्रम का आयोजन भी रहेगा. यह अवधि कानून-व्यवस्था, चिकित्सा, स्वच्छता, शिक्षा और आपदा प्रबंधन सभी दृष्टिकोण से अत्यधिक संवेदनशील मानी गई. इसी वजह से-
मंदिरों और श्रद्धास्थलों की सफाई, विशेषकर सोमवार को श्रावण मास में शिव मंदिरों के आसपास की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए. कांवड़ यात्रा की वजह से ट्रैफिक, सफाई और भीड़-प्रबंधन भी सुनिश्चित किया जाए. पूजा और धार्मिक आयोजनों में आस्था, अनुशासन और उल्लास बनाए रखने के निर्देश दिए गए.
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह आयोजन आस्था और समुदाय के लिए उत्सव का समय है, इसलिए प्रशासन को पूरी तैयारी और सतर्कता के साथ यह जिम्मेदारी निभानी होगी.
संवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उत्तराखंड सीमा से सटे जिलों के साथ-साथ गाजियाबाद, मेरठ, बरेली, अयोध्या, प्रयागराज, काशी, बाराबंकी और बस्ती में आगामी धार्मिक आयोजनों को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी होगी.
उन्होंने चेतावनी दी कि धार्मिक यात्रा मार्गों (कांवड़, मोहर्रम, रथयात्रा) पर हथियार प्रदर्शन या धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक इस्तेमाल किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है—ऐसे मामलों पर सख्ती से रोक लगाने का आदेश दिया.
इसके अलावा, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और संदेहजनक गतिविधियों पर निगरानी रखने, अफवाहें फैलने की स्थिति में फेक न्यूज का त्वरित खंडन और जरूरत पड़ने पर ड्रोन निगरानी के माध्यम से सच‑सूचना के प्रसारण पर जोर दिया.
इन निर्देशों का मकसद धार्मिक आयोजनों में स्वच्छता, सुरक्षा, सौहार्द बनाए रखना और किसी भी तरह की सामाजिक या राजनीतिक अशांति को पहले ही रोक देना है.