CM Yogi Targets Opposition: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। पिपराइच विधानसभा क्षेत्र के बांसस्थान में 572 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान विकास कार्यों की अनदेखी हुई और धार्मिक आस्था का सम्मान नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार विकास और सांस्कृतिक विरासत, दोनों को समान प्राथमिकता दे रही है।
विकास के साथ विरासत को भी मिल रहा सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाएं जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लागू की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकारों में जातीय राजनीति के कारण विकास प्रभावित होता था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
कांग्रेस पर धार्मिक आस्था के अपमान का आरोप
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हिंदू आस्था की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के समय तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की भागीदारी का कांग्रेस ने विरोध किया था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2006 में सर्वोच्च न्यायालय में दायर एक हलफनामे का हवाला देते हुए भगवान राम और भगवान कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाए गए थे, जिसे लेकर उन्होंने कांग्रेस की आलोचना की।
समाजवादी पार्टी पर भी साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर भी तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी का इतिहास रामभक्तों के खून से जुड़ा रहा है और उस दौर में धार्मिक आयोजनों तथा कांवड़ यात्रा जैसे कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाए जाते थे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण रहती थी, जबकि वर्तमान सरकार ने सुरक्षा और शांति व्यवस्था को प्राथमिकता दी है।
डबल इंजन सरकार के कामकाज का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आधारभूत ढांचे के विकास, निवेश, सड़क, बिजली और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। साथ ही विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह सरकार के विकास कार्यों और सांस्कृतिक पहलों को स्वीकार नहीं कर पा रहा है।