योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर दौरे के दौरान भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए भारत की सांस्कृतिक विरासत और उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज का भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है और वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है। उनके अनुसार, नए भारत की पहचान विकास, विरासत और वैश्विक नेतृत्व से बन रही है।
सांस्कृतिक संदेश
मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ धाम और मथुरा-वृंदावन का उल्लेख करते हुए कहा कि ये स्थल भारत की शाश्वत चेतना और भक्ति के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा दुनिया को “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश देती है, जहां पूरी पृथ्वी को एक परिवार माना गया है।
एकता का संदेश
उन्होंने प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं का एक साथ संगम में स्नान करना सामाजिक समरसता का उदाहरण है। उनके अनुसार, वहां न जाति का भेद दिखता है, न वर्ग का अंतर—सभी एक भावना से जुड़ते हैं, जो भारत की एकात्म सोच को दर्शाता है।
विकास और अर्थव्यवस्था, नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में कानून-व्यवस्था और आर्थिक प्रगति के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और पर्यटन के क्षेत्र में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उनके अनुसार, प्रदेश अब निवेश और विकास का केंद्र बन रहा है।
बदला हुआ उत्तर प्रदेश, नई दिशा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश दंगों और कर्फ्यू की छवि से आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति और विकास का माहौल है और यह प्रधानमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने का परिणाम है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से अपील की कि वे नए भारत की इस यात्रा में भागीदार बनें।