मजदूर अक्सर मजदूरी के लिए मारा जाता है होटल में काम करने वाला वेटर तनख्वाह के लिए परेशान रहता है. जितना मालिक का दिल आता था उतना पैसा मजदूरी दे दिया जाता था लेकिन अब चाहे कितना भी बड़ा होटल क्यों न हो, चाहे कितना बड़ा रेस्टोरेंट और कितना बड़ा मालिक क्यों न हो, अगर मजदूरों के हक को खाने की कोशिश की गई तो फिर योगी किसी को छोड़ने वाले नहीं. बुलडोजर बाबा अपना बुलडोजर ऐक्शन लेंगे.
योगी के फैसले से मिलेगा मजदूरों को उनका हक
बता दें कि योगी ने एक झटके में मजदूरों की किस्मत को पलटने का काम कर दिया है, इतना ही नहीं इंजीनियर से लेकर वेटर तक, सब की किस्मत को योगी ने एक झटके में कैसे बदल दिया है, आपको बताते हैं. दरअसल उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. श्रम विभाग ने सात अलग-अलग सेक्टरों में काम करने वाले मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी तय कर दी है. अब होटल, रेस्टोरेंट, इंजीनियरिंग, कांच और चूड़ी उद्योग जैसे क्षेत्रों में काम करने वालों को कम पैसों में काम नहीं करना पड़ेगा. क्योंकि अब योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि हर मजदूर को उसकी मेहनत का पूरा हक मिलेगा. न्यूनतम मजदूरी तय होने से मजदूरों को न सिर्फ आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि उनकी जिंदगी में स्थिरता भी आएगी. अब वे अपने परिवार की बुनियादी जरूरतें, जैसे खाना, कपड़ा और मकान, आसानी से पूरा कर पाएंगे.
फिक्स हुई कामगारों की सैलरी
बता दें कि होटल और रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारियों, जैसे वेटर और अन्य स्टाफ, के लिए न्यूनतम मजदूरी 11,000 रुपये प्रति माह तय की गई है. वहीं, इंजीनियरिंग क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को 13,000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम मजदूरी मिलेगी. इसका मतलब है कि अब कोई भी मालिक या कंपनी इससे कम सैलरी देने की हिम्मत नहीं कर सकती. अगर कोई ऐसा करता है, तो मजदूर सीधे श्रम विभाग में शिकायत कर सकते हैं.