केंद्र सरकार देश में स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सरकार करीब 20,000 करोड़ रुपये की 'संपूर्ण गोवर्धन (GOBAR-DHAN) योजना' को मंजूरी दे सकती है। इस योजना का मकसद देशभर में बड़े पैमाने पर कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन बढ़ाना है। माना जा रहा है कि 10 अगस्त, विश्व जैव-ईंधन दिवस पर इस योजना का ऐलान किया जा सकता है।
अब CNG और PNG में भी मिलेगी CBG
नई योजना के तहत भविष्य में CNG और PNG की सप्लाई में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) मिलाई जाएगी। ठीक उसी तरह, जैसे पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग की जाती है। इसके लिए देशभर में 600 से 700 नए बायोगैस प्लांट स्थापित करने की तैयारी है, ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।
क्या है सरकार का लक्ष्य?
सरकार इस योजना के जरिए CBG उत्पादन बढ़ाने के लिए बेहतर खरीद मूल्य और नए प्रोजेक्ट्स को अधिक पूंजीगत सब्सिडी देने की तैयारी कर रही है। इससे निजी निवेश बढ़ाने और नए प्लांट लगाने में तेजी आने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ेगा और जैविक कचरे का बेहतर इस्तेमाल भी हो सकेगा।
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SATAT योजना क्यों नहीं दे पाई उम्मीद के मुताबिक नतीजे?
यह पहल SATAT (Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) योजना के करीब आठ साल बाद लाई जा रही है। SATAT के तहत 5,000 CBG प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक केवल 219 प्लांट ही चालू हो सके हैं। नई योजना के जरिए इस रफ्तार को बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
क्यों जरूरी मानी जा रही है नई योजना?
सरकार पहले ही सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के लिए CNG और PNG में CBG मिलाने की बाध्यता तय कर चुकी है। लेकिन मौजूदा उत्पादन क्षमता भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही। ऐसे में नए बायोगैस प्लांट, अधिक निवेश और उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता और ऊर्जा सुरक्षा दोनों मजबूत हो सकें।