पेट्रोल और डीजल के बाद अब सीएनजी ने भी आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एक बार फिर सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें 26 मई सुबह 6 बजे से लागू हो चुकी हैं। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण अब रोज सफर करने वाले लोगों पर सीधा असर पड़ सकता है। खासकर वे लोग जो सीएनजी से चलने वाली कार, ऑटो या कैब का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अब पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
दिल्ली से नोएडा तक बढ़े दाम
नई कीमतों के बाद दिल्ली में सीएनजी का रेट 81.09 रुपये से बढ़कर 83.09 रुपये प्रति किलो हो गया है। वहीं नोएडा और गाजियाबाद में अब सीएनजी 91.70 रुपये प्रति किलो बिक रही है, जो पहले 89.70 रुपये थी। गुरुग्राम में कीमत 88.12 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। इसके अलावा मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली जैसे शहरों में भी नई दरें लागू कर दी गई हैं। यानी लगभग हर बड़े शहर में सीएनजी उपभोक्ताओं को महंगाई का नया झटका लगा है।
10 दिन में चौथी बार बढ़ोतरी
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि बीते 10 दिनों के भीतर यह चौथी बार है जब सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। लगातार बढ़ते दामों ने आम लोगों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इसका असर कहां जाकर रुकेगा।
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ऑटो और कैब किराया भी बढ़ सकता है
सीएनजी महंगी होने के बाद ऑटो और कैब चालकों की लागत भी बढ़ गई है। ऐसे में कई शहरों में किराया बढ़ाने की मांग तेज हो सकती है। दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में पहले से ही चालक किराया बढ़ाने की बात कर रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो रोज सफर करने वाले लाखों लोगों की जेब पर और बोझ बढ़ सकता है।
रोजमर्रा की चीजों पर भी असर संभव
सीएनजी महंगी होने का असर सिर्फ वाहनों तक सीमित नहीं रहता। माल ढुलाई करने वाले वाहन भी बड़ी संख्या में सीएनजी पर चलते हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। यानी सीएनजी की बढ़ती कीमतें धीरे-धीरे आम आदमी की पूरी जेब पर असर डाल सकती हैं।