मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नए संगठन ने एंट्री लेते हुए सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। भोपाल में आयोजित पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने बेरोजगारी, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और युवाओं की अनदेखी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार और व्यवस्था पर सवाल उठाए। पार्टी ने दावा किया कि आने वाले समय में यह आंदोलन प्रदेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगा और करोड़ों युवाओं को अपने साथ जोड़ेगा।
भोपाल से नई राजनीतिक पारी की शुरुआत
राजधानी भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता के जरिए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने मध्य प्रदेश की राजनीति में अपनी औपचारिक उपस्थिति दर्ज कराई। पार्टी नेताओं ने साफ किया कि उनका उद्देश्य पारंपरिक राजनीति से अलग युवाओं और छात्रों की आवाज को केंद्र में लाना है। संगठन ने बताया कि जल्द ही प्रदेश और जिला स्तर पर कार्यकारिणी का गठन कर राजनीतिक गतिविधियों को तेज किया जाएगा।
युवाओं के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी
पार्टी के प्रदेश संयोजक मयंक ने कहा कि देश में लगातार बढ़ती बेरोजगारी, पेपर लीक और परीक्षा घोटालों ने युवाओं का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में छात्रों और बेरोजगार युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। पार्टी का कहना है कि वह इन मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में जन आंदोलन खड़ा करेगी।
सोशल मीडिया से सियासी जमीन मजबूत करने की कोशिश
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने दावा किया कि सोशल मीडिया के जरिए उसे तेजी से समर्थन मिल रहा है। संगठन के अनुसार करीब दो करोड़ लोगों तक उसकी पहुंच बन चुकी है और इसमें सबसे ज्यादा युवा वर्ग शामिल है। पार्टी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपने संगठन को गांव-शहर तक मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
प्रदेश में संगठन विस्तार पर फोकस
पार्टी नेताओं ने बताया कि मध्य प्रदेश में जिला और ब्लॉक स्तर तक संगठन खड़ा करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए सदस्यता अभियान और जनसंपर्क कार्यक्रम जल्द शुरू किए जाएंगे। संगठन का लक्ष्य प्रदेश के एक करोड़ युवाओं को अपने साथ जोड़कर बड़ा राजनीतिक आधार तैयार करना है।
आंदोलन से राजनीति तक का रोडमैप तैयार
कॉकरोच जनता पार्टी ने संकेत दिए कि वह केवल सोशल मीडिया या विरोध तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि आने वाले समय में राजनीतिक स्तर पर भी सक्रिय भूमिका निभाएगी। पार्टी ने कहा कि युवाओं और आम नागरिकों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ी जाएगी और जरूरत पड़ी तो बड़े आंदोलन भी किए जाएंगे।