Cockroach Janta Party: भारत में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नई राजनीतिक लहर देखने को मिल रही है, जिसका नाम 'कॉकरोच जनता पार्टी' है। इस पार्टी के सोशल मीडिया पर महज 48 घंटों के भीतर 5.5 लाख फॉलोअर्स हो गए। चौथे दिन तक इंस्टाग्राम पर 33 लाख फॉलोअर्स और वेबसाइट पर दो लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड मेंबर्स जुड़ चुके थे। युवा वॉलेंटियर्स कॉकरोच मास्क पहने यमुना की सफाई में जुट गए और विपक्ष के सांसद इस मुहिम में शामिल होने की मिन्नतें करने लगे।
कौन है इस पार्टी का फाउंडर?
आपको बता दें कि इस आंदोलन को शुरू करने वाले युवा का नाम अभिजीत दीपके है। अभिजीत 30 साल के एक भारतीय छात्र हैं। जिन्होंने हाल ही में बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस (PR) में मास्टर्स की डिग्री पूरी की है। उन्होंने बताया कि एक हफ्ते पहले तक मैं नौकरी के लिए अप्लाई कर रहा था और तभी यह सब हो गया, तो अब मैं नहीं जानता। शायद किस्तम को कुछ और ही मंजूर है। अभिजीत खुद को कहते हैं कि हां मैं ही कॉकरोच हूं। भारत के चीफ जस्टिस असल में मेरे जैसे युवाओं की ही बात कर रहे थे।
क्यों बनाई कॉकरोच पार्टी
अभिजीत कहते हैं कि कॉकरोच शब्द वैसे मेरे लिए कोई ट्रिगर नहीं है। लेकिन यह बात भारत के चीफ जस्टिस के मुंह से निकलना सबसे बड़ा ट्रिगर था, जो खुद हमारे संविधान के संरक्षक हैं। वही संविधान जो हमें अभिव्यक्ति की आजादी देता है, जो इंसान हमारी अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा करने के लिए बैठा है, वह सिर्फ अपनी राय रखने के लिए हमारी तुलना कॉकरोच' और 'परजीवी'से कर रहा है। यह बात सबसे ज्यादा चुभने वाली है।
क्या केजरीवाल जॉइन करेंगे कॉकरोट पार्टी
जब अभिजीत से पूछा गया कि क्या अरविंद केजरीवाल इस आंदोलन से जुड़ेंगे, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "वे चाहें तो बाहर से अपना समर्थन दे सकते हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि 'जेन-जी' का कोई भी युवा यह चाहेगा कि इस आंदोलन में देश की कोई भी पुरानी या स्थापित राजनीतिक पार्टी शामिल हो।" बता दें, अभिजीत के बारे में कहा जा रहा है कि वो आम आदमी पार्टी में कम्युनिकेशन इन-चार्ज थे।
आगे का क्या है एक्शन प्लान?
अभिजीत का कहना है कि यह सब पहले से तय नहीं था। फिलहाल पार्टी के पास कोई ठोस एक्शन प्लान नहीं है। लेकिन वो लोगों की बात सुनकर रणनीति तय करेंगे। उनका कहना है कि अभी पार्टी को बन सिर्फ 3-4 दिन ही हुए हैं। अभिजीत का कहना है कि यह सब हताशा का परिणाम है, जिसे देश के युवा कई सालों से अंदर दबाए बैठे हैं।
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क्या है पार्टी का एजेंडा?
आपको बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी ने अपनी वेबसाइट पर कुछ बड़े मुद्दे रखे हैं-
1. चीफ जस्टिस को रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा सीट या कोई भी सरकारी पद नहीं दिया जाएगा।
2. वैध वोट काटने वाले चुनाव आयुक्त को यूएपीए (UAPA) कानून के तहत गिरफ्तार किया जाएगा।
3. महिलाओं को राजनीति और कैबिनेट में 33% नहीं, बल्कि 50% आरक्षण दिया जाएगा।
4. बड़े उद्योगपतियों (जैसे अंबानी और अडानी) के मालिकाना हक वाले मीडिया घरानों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।
क्या कॉकरोच पार्टी 2029 का चुनाव लड़ेगी?
इस सावल पर अभिजीत ने बताया कि इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। इस आंदोलन को शुरू हुए अभी सिर्फ 3-4 दिन हुए हैं। आगे हम पहले युवाओं से बात करें, उनकी राय लेंगे कि आगे क्या कदम उठाना चाहिए और क्या नहीं। क्योंकि युवाओं की सबसे बड़ी शिकायत है कि उनकी बात कोई भी पार्टी नहीं सुनती और उन्हें पूरी तरह अनदेखा कर दिया जाता है। लेकिन अब इस आंदोलन के परिणाम स्वरूप स्थिति बदल रही है, स्थापित पार्टियां भी अब मजबूरन हमारे इस मूवमेंट पर नजर रख रही हैं।