राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक अनोखे नाम से उभरे आंदोलन ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बैनर तले जुटे युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने की अपील के साथ शुरू हुआ, लेकिन इसके संदेश ने देशभर के युवाओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
जंतर-मंतर बना विरोध का केंद्र
दिल्ली में जंतर-मंतर पर आयोजित इस प्रदर्शन के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सुबह से ही समर्थकों का जुटना शुरू हो गया था। संगठन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि यह विरोध संविधान के दायरे में रहकर किया जाएगा। प्रदर्शन की अनुमति मिलने को समर्थकों ने अपनी पहली बड़ी जीत बताया और इसे आंदोलन की शुरुआत माना।
युवा अब नहीं डरेगा’ – दीपके का संदेश
प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब देश का युवा डरने वाला नहीं है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में हो रही गड़बड़ियों और छात्रों की परेशानियों को मुख्य मुद्दा बताया। दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि छात्रों के साथ हो रही घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।
समर्थन में उतरे कई चेहरे
इस आंदोलन को सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी समर्थन मिलने लगा है। कई सार्वजनिक हस्तियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदर्शनकारियों का उत्साह बढ़ाया। कुछ नेताओं ने इसे युवाओं की आवाज बताते हुए समर्थन दिया, वहीं इसे एक नए तरह के जन आंदोलन के रूप में भी देखा जा रहा है।
पुलिस कार्रवाई और आरोप-प्रत्यारोप
प्रदर्शन के बीच संगठन ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा उनकी प्रचार सामग्री जब्त की गई है। हालांकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई है। इसके बावजूद समर्थकों का उत्साह कम नहीं हुआ और वे अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।
शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील
कॉकरोच जनता पार्टी ने सभी समर्थकों से अपील की है कि वे हर हाल में शांति बनाए रखें। संगठन ने स्पष्ट किया कि अगर कोई गड़बड़ी करने की कोशिश करता है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए। उनका कहना है कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास है और इसे उसी दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।