Coffee and Sleep : रात में पढ़ाई, ऑफिस का काम या लंबी यात्रा के दौरान जब आंखें भारी होने लगती हैं, तो कई लोग एक कप कॉफी पीना पसंद करते हैं. माना जाता है कि कॉफी पीने के बाद नींद कम महसूस होती है। लेकिन क्या यह सिर्फ लोगों का अनुभव है या इसके पीछे वैज्ञानिक वजह भी है? दरअसल, कॉफी में मौजूद कैफीन शरीर और दिमाग पर उत्तेजक प्रभाव डालता है, जिसकी वजह से कुछ समय के लिए नींद और थकान कम महसूस हो सकती है.
कैफीन कैसे भगाता है नींद?
हमारे दिमाग में एडेनोसिन नाम का एक रसायन नींद और थकान से जुड़ा होता है. कैफीन एडेनोसिन के प्रभाव को कुछ समय के लिए रोकता है. इसी कारण कॉफी पीने के बाद व्यक्ति को ज्यादा सतर्क और जागा हुआ महसूस हो सकता है। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता.
कितनी देर तक रहता है असर?
कॉफी का प्रभाव केवल कुछ मिनटों तक सीमित नहीं रहता। शरीर में कैफीन कई घंटों तक मौजूद रह सकता है। शोध में पाया गया है कि सोने से कई घंटे पहले ली गई कैफीन भी रात की नींद की अवधि और गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। एक मेटा-विश्लेषण में कॉफी को सोने से लगभग 8.8 घंटे पहले तक लेने की सलाह दी गई, ताकि नींद की कुल अवधि कम होने का जोखिम घटाया जा सके.
क्या हर किसी पर एक जैसा असर होता है
ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ लोगों को एक कप कॉफी के बाद भी आसानी से नींद आ जाती है, जबकि कुछ लोग थोड़ी मात्रा में कैफीन लेने के बाद भी देर तक जागते रहते हैं। उम्र, कैफीन लेने की आदत, मात्रा और शरीर की व्यक्तिगत संवेदनशीलता इसके असर को बदल सकती है.
नींद भगाने के लिए कॉफी पर निर्भर न रहें
कॉफी थोड़े समय के लिए सतर्कता बढ़ा सकती है, लेकिन यह नींद की कमी का स्थायी समाधान नहीं है। अगर लगातार नींद आ रही है, तो पर्याप्त आराम लेना ज्यादा जरूरी है. खासकर रात में सोने से पहले कॉफी पीने से बचना बेहतर हो सकता है, क्योंकि इससे नींद आने में देरी और नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है.