Foot Warning Signs: हम रोज अपने पैरों पर चलते हैं, लेकिन अक्सर उनका ख्याल तभी आता है जब उनमें दर्द शुरू हो जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि पैरों में होने वाले छोटे-छोटे बदलाव असल में शरीर के अंदर चल रही किसी बड़ी बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। हमारे एक पैर में 26 हड्डियां और 100 से ज्यादा मांसपेशियां व नसें होती हैं, जो पूरे शरीर का वजन संभालती हैं। इसलिए पैरों में होने वाले छोटे बदलाव को भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
फोर्टिस गुरुग्राम के फुट एंड एंकल सर्जरी विभाग के सीनियर डायरेक्टर डॉ. अनुज चावला कहते हैं कि पैर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी के लिए सबसे जरूरी हैं, लेकिन फिर भी लोग इन्हें सबसे ज्यादा नजरअंदाज करते हैं।
पैर के बदलाव और बीमारियों के संकेत
डॉक्टरों के अनुसार, पैर कई बार शरीर के शुरुआती संकेत देने का काम करते हैं। पैरों का ठंडा या सुन्न होना शरीर में खून के सही बहाव की कमी या नसों की कमजोरी की ओर इशारा करता है। एड़ियों का फटना या त्वचा का ज्यादा सूखा होना डिहाइड्रेशन या थायरॉयड गड़बड़ी से जुड़ा हो सकता है। टखनों में सूजन दिल, किडनी या लिवर से जुड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है। वहीं नाखूनों का रंग या मोटाई बदलना फंगल इंफेक्शन या किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत देता है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए गंभीर
डायबिटीज के मरीजों के लिए पैरों की समस्या ज्यादा गंभीर हो सकती है। डॉ. चावला के मुताबिक, शुगर बढ़ने से पैरों की नसें कमजोर हो जाती हैं और खून की सप्लाई कम हो जाती है। इस वजह से पैर में चोट या घाव लगने पर दर्द का अहसास नहीं होता। अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह घाव गैंग्रीन का रूप ले सकता है। जिससे पैर काटने तक की नौबत आ सकती है।
भर्ती होने का पैरों की यही समस्याएं ये कारण
'इंडियन जर्नल ऑफ एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में डायबिटीज के मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने का एक बड़ा कारण पैरों की यही समस्याएं हैं।
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खराब लाइफस्टाइल भी है जिम्मेदार
आजकल पैरों की समस्याएं सिर्फ उम्र से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि हमारी लाइफस्टाइल भी इसका बड़ा कारण है। लगातार घंटों बैठे रहने से पैरों में खून का प्रवाह कम होता है, गलत जूते पहनने से मांसपेशियों और जोड़ों पर गलत दबाव पड़ता है, बढ़ता वजन पैरों पर जरूरत से ज्यादा बोझ पड़ता है, एक्सरसाइज न करने से भी पैर कमजोर हो जाते हैं। इसके अलावा 'फ्लैट फुट' (सपाट पैर) जैसी दिक्कतों के बारे में भी लोगों को सही समय पर पता नहीं चल पाता है।
शुरुआती लक्षणों को न करें अनदेखा
शुरुआत में हल्का दर्द, सूजन या छोटा सा छाला दिखता है, जिसे लोग अनदेखा कर देते हैं। बाद में यही इंफेक्शन या जोड़ों की जकड़न बन जाता है। जिससे चलने-फिरने में दिक्कत पैदा हो सकती है। डॉ. चावला कहते हैं कि समय पर पहचान और इलाज बेहद जरूरी है, ताकि लंबे समय तक चलने-फिरने की क्षमता बनी रहे।
पैरों को स्वस्थ रखने के आसान टिप्स
रोज अपने पैरों को ध्यान से देखें कि कहीं कोई घाव या बदलाव तो नहीं है।
हमेशा सही फिटिंग और आरामदायक जूते पहनें।
पैरों को साफ और सूखा रखें।
हल्की एक्सरसाइज करें और अपने वजन व ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखें।