ग्रेटर नोएड़ा। 22 दिसंबर को दिल्ली-एनसीआर में ठंड और प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सुबह से ही कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और स्मॉग की मोटी परत ने दृश्यता कम कर दी। सड़कों पर वाहन रेंगते हुए चले और रेल व हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोहरे का असर 28 दिसंबर तक बने रहने की संभावना जताई गई है।
प्रदूषण गंभीर स्तर पर
दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 373 रहा, जबकि नोएडा 366 के साथ दूसरे नंबर पर रहा। ग्रेटर नोएडा में AQI 332 दर्ज किया गया। नोएडा के सेक्टर-1 में 395, सेक्टर-62 में 348 और सेक्टर-116 में 356 रहा। वहीं ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 में 314 और नॉलेज पार्क-5 में 349 दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में ठंडी और सुस्त हवाओं के कारण प्रदूषक कण हवा में फंस जाते हैं। वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और आसपास के क्षेत्रों से उठने वाला धुआं मिलकर स्मॉग की परत बना देता है। इसका असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी रोगियों पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है।
स्वास्थ्य पर असर
लोगों ने आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की है। आईएमडी के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है और हवा की गति कम रहने से प्रदूषण से राहत मिलना मुश्किल है।
विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को मास्क पहनने, सुबह की सैर से बचने, अनावश्यक बाहर न निकलने और घर के अंदर रहने की सलाह दी है।