नए साल की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत में ठंड ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शीतलहर, घना कोहरा और तेज सर्द हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं और कई राज्यों में मौसम की मार बनी रह सकती है।
मैदानी इलाकों में शीतलहर और कोहरे का असर
दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में घना कोहरा सुबह और देर रात के समय दृश्यता को बेहद कम कर रहा है। कई जगहों पर शीत दिवस जैसी स्थिति बन गई है, जहां दिन का तापमान भी सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है। सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोहरे की वजह से सड़क, रेल और हवाई यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से बढ़ी ठंड
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी हो रही है। पहाड़ों पर ताजा बर्फ गिरने से तापमान और नीचे चला गया है, जिसका असर मैदानी इलाकों तक महसूस किया जा रहा है। कई पर्वतीय रास्तों पर फिसलन बढ़ने से आवाजाही मुश्किल हो गई है। हालांकि बर्फबारी से पर्यटन स्थलों पर रौनक बढ़ी है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह मौसम चुनौतियां भी लेकर आया है।
कब होगी बारिश और आगे कैसा रहेगा मौसम
IMD के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बन सकती है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। हालांकि यह बारिश व्यापक नहीं होगी, लेकिन इसके कारण ठंड और बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे ठंड और कोहरे को देखते हुए सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें। फिलहाल उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का यह दौर कुछ समय तक जारी रहने की संभावना है।