मध्यप्रदेश में ठंड का प्रकोप तेज होता जा रहा है। प्रदेश के कई शहरों में सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया है। शुक्रवार–शनिवार की रात पहली बार पारा 6.5 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला बन गया। वहीं भोपाल में लगातार 7 दिन से शीतलहर का असर जारी है, जबकि इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत कई इलाकों में ठंडी हवाएं गलन बढ़ा रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 15 और 16 नवंबर को कई जिलों में कोल्ड वेव जारी रहेगी, जबकि 17 नवंबर से हल्की राहत मिल सकती है।
राजगढ़ में गिरा पारा, भोपाल–इंदौर में भी बढ़ी ठंड
प्रदेश में शुक्रवार–शनिवार की रात न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट देखी गई।
राजगढ़: 6.5°C
भोपाल: 8°C
इंदौर: 9.6°C
ग्वालियर: 9.9°C
जबलपुर: 9.7°C
उज्जैन: 11.7°C
रीवा, नौगांव, खजुराहो, उमरिया, शिवपुरी, सतना और छिंदवाड़ा में भी पारा 7–10 डिग्री के बीच रहा।
उत्तरी बर्फीली हवाओं और प्रति-चक्रवात से बढ़ा सर्द मौसम
हिमालयी राज्यों में ताजा बर्फबारी के बाद उत्तरी हवाएं तेज हो गई हैं, जिसके कारण मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से गिरा है। राजस्थान के आसपास बने प्रति-चक्रवात ने इन हवाओं को निचली सतह तक पहुंचाने में मदद की, जिससे भोपाल, इंदौर और मालवा-निमाड़ में ठिठुरन और ज्यादा बढ़ गई है।
भोपाल में लगातार शीतलहर: आज भी अलर्ट
राजधानी में पिछले सात दिनों से कोल्ड वेव जारी है। शनिवार को भी शीतलहर का अलर्ट है।
आज जिन जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी हुआ है उनमें शामिल हैं—
इंदौर, भोपाल, राजगढ़, देवास, सीहोर, शाजापुर, शिवपुरी, पन्ना, रीवा, सतना, कटनी, जबलपुर, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर सहित कुल 20 जिले।
पचमढ़ी में अलग तरह का मौसम, दिन में पारा सबसे नीचे
प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में रातें अपेक्षाकृत गर्म हैं, लेकिन दिन का तापमान काफी गिर रहा है। शुक्रवार को यहां अधिकतम पारा 23°C रहा, जबकि न्यूनतम 14.2°C दर्ज किया गया। सीधी और मलाजखंड में भी अधिकतम तापमान 24–23°C के आसपास रहा।
नवंबर का ट्रेंड: बारिश और ठंड दोनों में बढ़ोतरी
पिछले 10 सालों से नवंबर में ठंड के साथ हल्की बारिश का ट्रेंड बना हुआ है। इस बार अक्टूबर में 121% ज्यादा बारिश हुई, जिससे ठंड जल्दी शुरू हो गई। भोपाल में 25 साल का सबसे ठंडा अक्टूबर दिन 30 अक्टूबर को दर्ज किया गया, जब तापमान 24°C से नीचे चला गया।
आने वाले दिनों में और लुढ़केगा पारा
मौसम विभाग का अनुमान है कि ग्वालियर–चंबल संभाग में ठंडी हवाओं का असर ज्यादा रहेगा और तापमान और गिर सकता है।