कोल्ड्रिफ सिरप से मासूमों की मौत का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। तमिलनाडु से गिरफ्तार फार्मा संचालक रंगनाथन से पूछताछ के बाद एसआईटी (SIT) ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। जांच एजेंसी अब सिरप के निर्माण से लेकर वितरण तक की पूरी सप्लाई चेन को खंगाल रही है। शुरुआती जांच में कई नए नाम सामने आए हैं, जिससे आरोपियों की लिस्ट लंबी होने की संभावना है। वहीं, जिले में डॉक्टर्स के अवकाश पर रोक लगाकर स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा गया है।
मुख्य आरोपी रंगनाथन से शुरू हुई गहराई से पूछताछ
तमिलनाडु की श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी के संचालक रंगनाथन से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। एसआईटी के अनुसार, फैक्ट्री में नियमों की अनदेखी कर सिरप का निर्माण किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि सिरप में उपयोग किया गया रासायनिक पदार्थ डाई-ईथीलीन ग्लाइकोल बच्चों की किडनी फेल होने का मुख्य कारण बना। अब एजेंसी इस बात की तहकीकात कर रही है कि यह जहरीला केमिकल सिरप में कैसे और किसकी जानकारी में मिला।
जांच की दिशा: तमिलनाडु से छिंदवाड़ा तक दवा की डिलीवरी चेन पर फोकस
SIT ने अब दवा वितरण नेटवर्क को अपनी जांच के दायरे में लिया है। सिरप के बैच तमिलनाडु से जबलपुर और फिर छिंदवाड़ा समेत अन्य जिलों तक कैसे पहुंचे, इसकी पूरी ट्रैकिंग की जा रही है। टीम दवा वितरण से जुड़े रिटेलर्स, मेडिकल एजेंट्स और स्टोर संचालकों की भूमिका की जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने पर कई नए आरोपी सामने आ सकते हैं, जिन पर जल्द कार्रवाई हो सकती है।
मेडिकल स्टोर्स और डॉक्टरों पर भी कस सकता है शिकंजा
जिले में उन मेडिकल स्टोर्स की सूची तैयार की जा रही है जो लाइसेंस या ड्रग्स कंट्रोल नियमों के विपरीत संचालित हो रहे हैं। अधिकारियों को इन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, प्रशासन ने बच्चों की मौत के बाद एहतियातन डॉक्टरों के अवकाश पर रोक लगा दी है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्यकर्मी अलर्ट मोड पर रहेंगे।
SIT की जांच के पांच प्रमुख बिंदु
1. जहरीले केमिकल डाई-ईथीलीन ग्लाइकोल के सिरप में मिलने की जिम्मेदारी तय करना।
2. दवा निर्माण के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रिया की जांच।
3. तमिलनाडु से मध्य प्रदेश तक वितरण चेन की ट्रैकिंग।
4. डॉक्टरों द्वारा दवा लिखने से लेकर मरीज तक पहुंचने की प्रक्रिया।
5. दोषियों के खिलाफ आईपीसी और ड्रग कंट्रोल एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई।
जनता में आक्रोश, न्याय की मांग तेज
बच्चों की मौत के बाद पीड़ित परिवारों में गहरा रोष है। परिजनों ने दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है। वहीं, सोशल मीडिया पर भी “#JusticeForChildren” ट्रेंड कर रहा है। एसआईटी का कहना है कि जल्द ही जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके बाद कई बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।