मध्य प्रदेश में 26 बच्चों की मौत का कारण बने जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड में बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच कर रही SIT ने कफ सिरप में उपयोग किए गए जहरीले डाय-एथलीन ग्लायकॉल (DEG) की सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी शैलेष पांड्या को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी सप्लाई चेन की सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है। कोर्ट ने आरोपी को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जिससे कई नए खुलासे की उम्मीद है।
सप्लाई चेन की सबसे मजबूत कड़ी पर शिकंजा
SIT की जांच में सामने आया कि शैलेष पांड्या ने ही फार्मा यूनिट को वह DEG रसायन सप्लाई किया था, जिससे कफ सिरप तैयार किया गया। प्रारंभिक जांच में यह रसायन बेहद निम्न गुणवत्ता का पाया गया। इसी जहरीले रसायन के कारण बच्चों की हालात बिगड़ी और उन्होंने दम तोड़ दिया। पांड्या की गिरफ्तारी से सप्लाई चेन की तस्वीर अब साफ होने लगी है।
अब तक 10 गिरफ्तारियां, महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जब्त
इस मामले में पहले ही कई लोगों को पकड़ा जा चुका है और अब पांड्या की गिरफ्तारी के साथ कुल गिरफ्तारियां 10 हो गई हैं। SIT ने रसायन की खरीद, बिलिंग, स्टॉक और सप्लाई से जुड़े कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं, जिससे जांच और मजबूत हुई है।
जांच के प्रमुख सवाल जिनपर फोकस
SIT अब यह पता लगा रही है कि जहरीला DEG बिना परीक्षण फैक्ट्री तक कैसे पहुंचा। गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया में हुई गंभीर लापरवाही भी प्रश्नों के घेरे में है। साथ ही यह जांच भी जारी है कि खरीदी और सप्लाई में कितने लोग शामिल थे और अब तक कौन-कौन सामने आना बाकी है।
26 बच्चों की मौत के बाद तेज हुई कार्रवाई
प्रदेश में 26 बच्चों की मौत के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया था। इसके बाद तुरंत SIT का गठन किया गया, जिसने सप्लाई चेन के हर लिंक पर दबिश देकर जांच को तेज किया। लगातार पूछताछ के बाद टीम शैलेष पांड्या तक पहुंची।
आने वाले दिनों में बड़े खुलासों की उम्मीद
जांच अधिकारियों का कहना है कि पांड्या की गिरफ्तारी से केस की दिशा और स्पष्ट हुई है। रसायन की खरीद, सप्लाई और गुणवत्ता परीक्षण से जुड़े कई सवालों के जवाब अभी बाकी हैं। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े नाम सामने आने की संभावना है।