Colombia Earthquake 2026: दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। पश्चिमी कोलंबिया में आए इस शक्तिशाली झटके से कई शहरों में इमारतें क्षतिग्रस्त या धराशायी हो गईं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, भूकंप से कम से कम 111 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 87 लोग घायल हैं। राहत और बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आई है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
सैन जोस डेल पालमार के पास था भूकंप का केंद्र
अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र कोलंबिया के चोको क्षेत्र में सैन जोस डेल पालमार से करीब 5 किलोमीटर पूर्व में था। भूकंप की तीव्रता 7.4 मापी गई। इसका असर पश्चिमी कोलंबिया के बड़े हिस्से में महसूस किया गया और पड़ोसी इक्वाडोर तथा पनामा तक झटके महसूस होने की खबरें सामने आईं। अधिकारियों ने इसे इस सदी में कोलंबिया में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया है।
कई शहरों में इमारतें हुईं धराशायी
भूकंप का सबसे ज्यादा असर पश्चिमी हिस्से के कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला। पेरेइरा, कैली, क्विब्डो और मनिजालेस जैसे शहरों में इमारतों को नुकसान पहुंचा है। कुछ जगहों पर मकान और अन्य संरचनाएं पूरी तरह ढह गईं। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 1,600 इमारतों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें दर्जनों इमारतें पूरी तरह गिर गईं। अस्पतालों और अन्य जरूरी सेवाओं के प्रभावित होने से राहत कार्यों में भी मुश्किलें सामने आई हैं।
मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन
भूकंप के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। स्थानीय निवासी और बचावकर्मी मिलकर कई स्थानों पर मलबा हटाने में जुटे हैं। प्रभावित इलाकों में संचार और परिवहन व्यवस्था भी बाधित हुई है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन ने बचाव अभियान तेज कर दिया है और अस्पतालों में घायलों के इलाज की व्यवस्था की जा रही है। भूकंप के बाद कुछ आफ्टरशॉक्स भी महसूस किए गए हैं, जिसके चलते राहत दलों को सावधानी बरतनी पड़ रही है।
सरकार ने घोषित की राष्ट्रीय आपात स्थिति
इस भयावह आपदा के बाद कोलंबिया सरकार ने राष्ट्रीय आपात स्थिति घोषित कर दी है। राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहायता की पेशकश की गई है। अमेरिका ने राहत कार्यों के लिए 15.5 मिलियन डॉलर की मदद देने की घोषणा की है, जबकि कई अन्य देशों ने भी सहयोग की पेशकश की है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को बचाना, घायलों को उपचार उपलब्ध कराना और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाना है।