LPG: मुंबई के फेमस और सबसे पुराने होटल 'आनंद भवन' ने अपने मेन्यू में से दक्षिण और उत्तर भारतीय व्यंजनों को डीलिस्ट कर दिया है। यह होटल 85 वर्षों से मुंबई के माटुंगा इलाके में स्थित है। देश के अलग-अलग इलाकों से लोग यहां उत्तर और दक्षिण भारतीय व्यंजनों का स्वाद लेने आते हैं। यह होटल अपने दक्षिण और उत्तर भारतीय व्यंजनों के लिए काफ़ी पसंद किया जाता है।
यह भी पढ़ें : शाम 5 बजे किसानों के खातों में पहुंचेगी बड़ी रकम, PM Modi जारी करेंगे पीएम किसान की 22वीं किस्त
ये फेमस डिश हुई डीलिस्ट
आनंद भवन ने अपने मेन्यू में से कई फेमस व्यंजनों को डीलिस्ट किया है। डीलिस्ट हुई 4 मशहूर व्यंजन में प्लेन उथप्पा, ऑनियन उथप्पा, पुरी भाजी और रवा उथप्पा शामिल हैं।
इस कारण किए गए डीलिस्ट
कमर्शियल गैस की कमी के कारण इन व्यंजनों को डीलिस्ट करने का फैसला होटल ने लिया। इन्हें बनाने में ज्यादा गैस लगती है। पिछले एक हफ्ते से इस होटल में कमर्शियल गैस की सप्लाई नहीं हुई है जिस कारण से इन डिशों को बनाने में परेशानी आ रही है।
हो सकता है होटल बंद
आनंद भवन के होटल के मैनेजर के मुताबिक, अगर होटल में ज्लद-से-ज्लद गैस को सप्लाई नहीं किया गया तो उन्हें संभवतः अगले दो दिनों में होटल को अनऑपरेशनल करना पड़ सकता है।
देशभर में सिलेंडर की कमी कर रही परेशान
देश में गैस सिलेंडर की कमी से लोग हर तरफ़ ही परेशान हैं। घर से लेकर होटलों तक सिलेंडर की कमी से लोग जूझ रहे हैं। एजेंसियों और गैस सिलेंडर के गोदामों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं। कमर्शियल सिलेंडर हों या फिर घरों में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडर, हर तरफ ही सिलेंडर के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में लोग सिलेंडरों को ब्लैक में खरीदने का भी प्रयास कर रहे हैं जिसके लिए वे मोटी धनराशि खर्च कर रहे हैं। हालांकि इस सब के बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहे।
व्यापार में हो रहा नुकसान
गैस सिलेंडर की कमी से देश में सबसे ज्यादा परेशानी कमर्शियल सिलेंडरों का इस्तेमाल करने वालों को हो रही है। होटलों, रेस्तरां और तमाम तरह के खाद्य पदार्थों का काम करने वालों के पास कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई ना होने की वजह से उनका व्यापार रुक गया है, जिस कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
समस्या के समाधान के लिए सरकारी फैसला
गैस की कमी को मद्देनजर रखकर सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। सरकार ने गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बनाई है जिसमें पेट्रोल-डीजल और गैस की परेशानी को दूर करने लिए नीतियां बनाई जाएंगी। देश में गैस और तेल के स्टॉक को पर्याप्त किया जाएगा जिससे सप्लाई चैन में हो रही रुकावट की समस्या से छुटकारा मिल सकेगा। इस कमेटी का मुख्य काम पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति की मॉनिटरिंग का होगा।