कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्रिकेट को आर्थिक और आयोजन संबंधी कारणों से शामिल नहीं किया गया है। पहले इन खेलों की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया को करनी थी, लेकिन बढ़ती लागत के कारण उसने 2023 में मेजबानी छोड़ दी। इसके बाद सितंबर 2024 में ग्लास्गो को नया मेजबान बनाया गया, जिससे तैयारियों के लिए कम समय बचा।
सिर्फ 10 खेलों का होगा आयोजन
पिछली बार बर्मिंघम 2022 में 19 खेल शामिल थे, जबकि इस बार केवल 10 खेलों में मुकाबले होंगे। इसके चलते कई बड़े खेलों को कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया है।
इन खेलों को भी मिली बाहर की राह
क्रिकेट के अलावा हॉकी, बैडमिंटन, स्क्वॉश, टेबल टेनिस, ट्रायथलॉन, रेसलिंग, बीच वॉलीबॉल और रग्बी सेवन को भी इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में जगह नहीं मिली है। पिछले संस्करण में भारत ने इन खेलों में कुल 30 पदक जीते थे।
2022 में भारत ने जीता था सिल्वर
बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला टी20 क्रिकेट को शामिल किया गया था। उस टूर्नामेंट में भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता था, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट का इतिहास
कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट की शुरुआत 1998 में कुआलालंपुर में हुई थी, जहां पुरुष प्रतियोगिता खेली गई थी। इसके बाद 24 साल के अंतराल के बाद 2022 में महिला टी20 क्रिकेट के रूप में इसकी वापसी हुई। हालांकि, 2026 के संस्करण में क्रिकेट एक बार फिर कार्यक्रम से बाहर हो गया है।
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भारत के पदकों पर पड़ सकता है असर
क्रिकेट, रेसलिंग, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और हॉकी जैसे खेलों में भारत का प्रदर्शन हमेशा मजबूत रहा है। ऐसे में इन खेलों के बाहर होने से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या पर असर पड़ सकता है।