विधानसभा में शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी की विधायक रागिनी सोनकर ने श्रम एवं रोजगार मंत्री से पहला सवाल किया। उन्होंने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन्हें सरकारी कर्मचारियों के बराबर वेतन दिया जाना चाहिए।
कोई नया निर्णय नहीं लिया
इस पर श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि निविदा में कार्य अवधि पहले से निर्धारित होती है। कंपनियां बदल सकती हैं, लेकिन कर्मियों को नहीं बदला जाता। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 2009 और 2016 के आदेश लागू हैं और वर्तमान सरकार ने इसमें कोई नया निर्णय नहीं लिया है।
सभी को देना होगा अपना ब्योरा
इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा के जवाब में कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी आईएएस अधिकारियों ने अपनी चल अचल संपत्ति का ब्योरा अपलोड कर दिया है। इसके साथ ही कर्मचारियों से भी चल अचल संपत्ति का ब्योरा मांगा जा रहा है। जिन कर्मचारियों ने ब्योरा नहीं दिया है उनका वेतन रोक दिया गया है।
सपा विधायक ने कविता से किया तंज
सपा विधायक आरके वर्मा ने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कविता के माध्यम से तंज कसते हुए कहा, तेल की बोतल पूछ रही है ये, पहले तुम ही खरीदते थे मुझे… आज क्यों सोच रहे हो। उन्होंने आरोप लगाया कि आलू किसान परेशान हैं जबकि बिचौलिये मालामाल हो रहे हैं। मंत्री ने जवाब में कहा कि राज्य सरकार केवल केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेज सकती है। उन्होंने दावा किया कि नौ वर्षों में सरकार ने कोई नया टैक्स नहीं लगाया। ‘बोतल’ वाले तंज पर मंत्री ने कहा कि विपक्ष को बोतल की बड़ी चिंता है और बोतल के दाम जरूर बढ़े हैं।