
देश के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण इस साल किसानों की फसलों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। कहीं खेत जलमग्न हो गए तो कहीं कटाई के बाद तैयार फसलें मंडियों में सड़ गईं। इस बीच कुछ किसानों को फसल नुकसान के मुआवजे के रूप में मात्र 1, 3, 5 और 21 रुपये दिए जाने के मामले सामने आए हैं। जब यह बात केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संज्ञान में आई, तो उन्होंने गहरा आश्चर्य व्यक्त किया और तुरंत जांच के आदेश दिए। चौहान ने कहा कि किसानों को इतने कम मुआवजे देना “उनके साथ मजाक करने जैसा है” और सरकार ऐसा कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।
दिए सख्त निर्देश
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की समीक्षा बैठक के दौरान बीमा कंपनियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कंपनियां किसानों के नुकसान का सही आकलन करें और किसी भी स्थिति में इतनी हास्यास्पद राशि का भुगतान न करें। चौहान ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय करने वालों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि बीमा दावों की गहन जांच की जाए और पात्र किसानों को जल्द और एकमुश्त भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
फसल बीमा योजना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2016 में शुरू की गई थी ताकि किसानों को बुवाई से लेकर कटाई के बाद तक प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का आर्थिक सहारा मिल सके। योजना का मकसद किसानों की आय को स्थिर रखना और कृषि जोखिम को कम करना था। हालांकि अब कुछ जगहों पर 1 या 5 रुपये जैसे मुआवजे मिलने की खबरों ने योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कृषि मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन मामलों की जांच चल रही है और यदि कोई गलती पाई जाती है तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।