Congress Candidates Rajya Sabha Elections: कांग्रेस ने आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों से सात नेताओं को उम्मीदवार बनाया है, जिनमें वरिष्ठ नेता, संगठन से जुड़े चेहरे और कुछ ऐसे नाम शामिल हैं जिन्हें पार्टी नेतृत्व का करीबी माना जाता है। घोषित उम्मीदवारों में कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खड़गे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान, मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन, राजस्थान से नीरज डांगी, झारखंड से प्रणव झा तथा तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती शामिल हैं।
कर्नाटक से तीन उम्मीदवार मैदान में
कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव होना है, जहां कांग्रेस ने तीन उम्मीदवारों पर दांव लगाया है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एक बार फिर उच्च सदन के लिए मैदान में होंगे। उनके साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया विभाग से जुड़े पवन खेड़ा और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले मंसूर अली खान को भी उम्मीदवार बनाया गया है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए कांग्रेस को यहां मजबूत स्थिति में माना जा रहा है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी नाम तय
मध्य प्रदेश से कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है। उन्हें पार्टी के प्रमुख नेताओं के करीबी और संगठनात्मक रूप से सक्रिय चेहरों में गिना जाता है। वहीं राजस्थान से नीरज डांगी को एक बार फिर मौका दिया गया है। इन दोनों राज्यों में कांग्रेस अपनी राजनीतिक उपस्थिति को मजबूत बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है।
झारखंड और तमिलनाडु में नए चेहरे
झारखंड से प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया गया है, जो संगठन और नेतृत्व के साथ लंबे समय से जुड़े रहे हैं। वहीं तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती को टिकट दिया गया है। प्रवीण चक्रवर्ती को नीति और चुनावी रणनीति के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं में माना जाता है। उनकी उम्मीदवारी को दक्षिण भारत में कांग्रेस की रणनीतिक सोच से जोड़कर देखा जा रहा है।
18 जून को होगा मतदान
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है और उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 9 जून को होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान और मतगणना 18 जून को ही संपन्न होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिन राज्यों में कांग्रेस या उसके सहयोगी दलों के पास पर्याप्त संख्या बल है, वहां पार्टी को अपेक्षित सफलता मिलने की संभावना है।