नई दिल्ली में कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी मनरेगा को लेकर केंद्र सरकार के फैसलों पर मंथन होगा। पार्टी नेतृत्व इस कानून में हुए बदलावों को लेकर आक्रामक रुख अपनाने के संकेत दे रहा है। बैठक में आगे की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
CWC बैठक में मनरेगा पर केंद्र में रहेगी चर्चा
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में आयोजित होगी। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता, संसदीय दल का नेतृत्व और संगठन के शीर्ष पदाधिकारी शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में यह तय किया जाएगा कि मनरेगा से जुड़े मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक किस तरह उठाया जाए और आम लोगों तक पार्टी का संदेश कैसे पहुंचाया जाए।
नाम बदलने से योजना खत्म करने का आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि ‘विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम’ के जरिए न सिर्फ मनरेगा का नाम बदला गया है, बल्कि इसकी मूल भावना और संरचना को भी कमजोर किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि महात्मा गांधी का नाम हटाना राष्ट्रपिता के सम्मान पर सीधा आघात है और इससे ग्रामीण गरीबों के अधिकारों को चोट पहुंची है।
सोनिया गांधी का हमला: गरीबों के हितों पर चोट
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पहले ही इस कानून को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला कर चुकी हैं। उनका कहना है कि मनरेगा जैसी योजना पर प्रहार कर किसानों, मजदूरों और भूमिहीन ग्रामीणों के आर्थिक सहारे को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने इसे गरीब विरोधी कदम बताते हुए इसके खिलाफ निर्णायक लड़ाई का संकेत दिया है।
राहुल गांधी ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन के दिए संकेत
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस कानून को राज्यों और गांवों के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि सरकार को इस फैसले से पीछे हटने के लिए मजबूर करने हेतु देशव्यापी मोर्चा बनाया जाएगा। कांग्रेस का मानना है कि ग्रामीण भारत में रोजगार सुरक्षा को खत्म करना सामाजिक असमानता को और बढ़ाएगा।
कानून बन चुका है, लेकिन सियासत तेज
18 दिसंबर को संसद से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून अब लागू हो चुका है, जो 20 साल पुराने मनरेगा की जगह लेगा। हालांकि, इसके बाद भी राजनीतिक घमासान थमने के बजाय और तेज होता नजर आ रहा है। CWC की यह बैठक आने वाले दिनों में कांग्रेस की रणनीति की दिशा तय कर सकती है।