मध्य प्रदेश की सियासत में आने वाले दो दिन बेहद अहम रहने वाले हैं। एक ओर राजधानी दिल्ली में होने वाली बैठक में प्रदेश के नए जिलाध्यक्षों के नाम पर अंतिम मंथन होगा, वहीं भोपाल में राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में फर्जी मतदाताओं के मुद्दे पर आगे की रणनीति तैयार होगी। 15 अगस्त से पहले जिलाध्यक्षों की सूची जारी होने की संभावना है, जबकि 13 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए कई विधानसभा क्षेत्रों में कथित फर्जी मतदाताओं का खुलासा किया जाएगा।
संगठन सृजन पर दिल्ली में होगा अंतिम निर्णय
सूत्रों के मुताबिक, कल दिल्ली में होने वाली बैठक में संगठन सृजन को लेकर व्यापक चर्चा होगी। इस बैठक में प्रदेश के सभी जिलों में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पर सहमति बनने की संभावना है। 15 अगस्त से पहले नई सूची जारी कर संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की योजना है, ताकि आगामी राजनीतिक गतिविधियों में नए नेतृत्व की भूमिका सुनिश्चित की जा सके।
भोपाल में होगी फर्जी मतदाता पर रणनीति
13 अगस्त को भोपाल में राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक आयोजित होगी। इस बैठक का मुख्य एजेंडा "वोट चोरी अभियान" को आगे बढ़ाना है। आरोप है कि प्रदेश के कई विधानसभा क्षेत्रों में फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। इसके खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए प्रदेशभर से नेताओं, विधायकों और प्रत्याशियों से डेटा इकट्ठा किया गया है। इसी दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन नामों का खुलासा किया जाएगा।
चुनावी रणनीति को मिलेगी नई दिशा
दोनों बैठकों के जरिए पार्टी प्रदेश में संगठन को नई ऊर्जा देने के साथ ही चुनावी मुद्दों को धार देने की कोशिश करेगी। संगठनात्मक मजबूती और मतदाता सूची की शुद्धता पर जोर देकर पार्टी 2028 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए माहौल बनाने की तैयारी में है।