
Congress obc sammelan 2025:कांग्रेस पार्टी ने आज दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ओबीसी वर्ग को साधने के लिए ‘भागीदारी न्याय महासम्मेलन’ का आयोजन किया है। इस सम्मेलन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शिरकत की। ओबीसी वर्ग की सत्ता और संगठन में भागीदारी सुनिश्चित करने तथा जातिगत जनगणना जैसे अहम मुद्दों को लेकर कांग्रेस इस सम्मेलन के जरिए देशभर में बड़ा संदेश देना चाहती है। खासतौर पर मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में जहां ओबीसी वोट बैंक निर्णायक भूमिका निभाता है।
मध्यप्रदेश से पहुंचे कई बड़े ओबीसी नेता
मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग की आबादी करीब 50 फीसदी है और यही वजह है कि कांग्रेस ने यहां के नेताओं को इस सम्मेलन में विशेष रूप से शामिल किया है। एमपी से कमलेश्वर पटेल, अरुण यादव, सचिन यादव और कुणाल चौधरी जैसे प्रमुख ओबीसी नेता दिल्ली पहुंचे हैं। यह उपस्थिति कांग्रेस के उस प्रयास को दर्शाती है जिसमें वह 2028 विधानसभा चुनाव से पहले ओबीसी वर्ग के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
'जितनी आबादी, उतनी हिस्सेदारी' पर जोर
कांग्रेस के इस सम्मेलन का मुख्य नारा है—‘जितनी आबादी, उतनी हिस्सेदारी’। राहुल गांधी ने बार-बार जातिगत जनगणना की मांग उठाई है और इसे सामाजिक न्याय की दिशा में जरूरी कदम बताया है। कांग्रेस का मानना है कि जातिगत आंकड़ों के आधार पर योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से बनाई जा सकती हैं, जिससे समाज के पिछड़े वर्गों को सच्चे अर्थों में भागीदारी मिल सके।
भाजपा पर ओबीसी विरोधी होने का आरोप
कांग्रेस इस सम्मेलन के जरिए भाजपा पर भी सियासी हमला बोल रही है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार ओबीसी वर्ग की अनदेखी कर रही है और जातिगत जनगणना को टालने का प्रयास कर रही है। यह सम्मेलन मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में ओबीसी मतदाताओं को साधने की रणनीति का हिस्सा है।