कांग्रेस संगठन में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पार्टी के भीतर संगठनात्मक स्तर पर नए समीकरण बनाने की तैयारी की चर्चा तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार कई महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव की संभावना जताई जा रही है। आगामी चुनावों और संगठन को मजबूत करने की रणनीति के तहत प्रदेश स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कई जिम्मेदारियों में फेरबदल हो सकता है।
महासचिव स्तर पर हो सकता है बड़ा बदलाव
सूत्रों के अनुसार पार्टी संगठन में चार महासचिवों को हटाया जा सकता है। संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से मजबूत करने और जिम्मेदारियों में बदलाव के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा सकता है। हालांकि अभी तक इस पर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
प्रदेश अध्यक्षों में भी बदलाव की संभावना
जानकारी के मुताबिक तीन से चार राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों को बदलने की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि पार्टी नए चेहरों को जिम्मेदारी देकर संगठन में नई ऊर्जा लाने की कोशिश कर सकती है। यह बदलाव आगामी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
प्रदेश प्रभारियों की भूमिका पर भी मंथन
पार्टी कई राज्यों के प्रभारी नेताओं की भूमिका की समीक्षा भी कर रही है। चर्चा है कि छह से सात राज्यों के प्रदेश प्रभारियों को बदला जा सकता है। अलग-अलग राज्यों के संगठनात्मक प्रदर्शन और राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है।
राष्ट्रीय सचिवों की संख्या में हो सकती है कटौती
फिलहाल पार्टी संगठन में 62 राष्ट्रीय सचिव हैं, लेकिन इनमें से लगभग 26 सचिवों को हटाए जाने की संभावना जताई जा रही है। इससे संगठनात्मक संरचना को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा सकता है।
जल्द सामने आ सकता है अंतिम फैसला
संगठन में बदलाव को लेकर पार्टी के भीतर मंथन अंतिम चरण में बताया जा रहा है। आने वाले दिनों में आधिकारिक स्तर पर बड़े फैसलों की घोषणा हो सकती है। राजनीतिक हलकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि जिम्मेदारियों में बदलाव के बाद पार्टी की नई रणनीति कैसी होगी।