Congress protests over paper leak: पेपर लीक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। संसद से प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद प्रियंका गांधी और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई और सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की।
संसद से पीएम आवास तक निकाला मार्च
कांग्रेस नेताओं ने संसद परिसर से प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सांसद और कार्यकर्ता शामिल रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल तैनात रहा और प्रदर्शनकारियों को निर्धारित क्षेत्र से आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक के मामलों पर जवाब देने से बच रही है और संसद में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा नहीं कराना चाहती।
राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि देश के लाखों छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और लगातार परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर जिम्मेदारी लेने से बच रही है। राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है और बार-बार सामने आने वाले पेपर लीक के मामलों से युवाओं का भरोसा टूट रहा है। पार्टी का कहना है कि छात्रों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए। कांग्रेस ने सरकार से परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग दोहराई।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान कई कांग्रेस नेताओं ने सांकेतिक रूप से हाथों में हथकड़ी पहनकर विरोध जताया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने की अपील की और मौके पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया। इस दौरान कुछ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया, जबकि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर भी चला। कांग्रेस ने कहा कि वह छात्रों से जुड़े मुद्दों को आगे भी प्रमुखता से उठाती रहेगी।