Special Intensive Revision की निगरानी के लिए कांग्रेस ने बनाई राज्य स्तरीय टीम, कई वरिष्ठ नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी । मध्य प्रदेश में चल रही वोटर लिस्ट के Special Intensive Revision (SIR) अभियान के बीच कांग्रेस ने अपनी रणनीतिक तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी ने SIR प्रक्रिया की निगरानी के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति की कमान पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा को सौंपी गई है। उनका दायित्व रहेगा कि वे प्रदेश भर में चल रही मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर नजर रखें और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी संगठन तक पहुंचाएं।
प्रदेशभर में चल रही वोटर लिस्ट जांच
गौरतलब है कि 28 अक्टूबर से पूरे मध्य प्रदेश में SIR प्रक्रिया की शुरुआत हुई है। इस अभियान में नए मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं, पुराने या मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जा रहे हैं और गलत प्रविष्टियों को सुधारा जा रहा है। यह पूरी कवायद निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत दिसंबर तक चलेगी।
कांग्रेस की निगरानी टीम हुई सक्रिय
पार्टी द्वारा गठित समिति में सज्जन सिंह वर्मा के अलावा डॉ. संजय कामले, राजीव सिंह, शैलेन्द्र पटेल, जे.पी. धनोपिया, गोरखी बैरागी, रितेश जैन और ललित सेन को सदस्य बनाया गया है। ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची में हो रही संशोधन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और जिला स्तर पर रिपोर्ट तैयार करेंगे।
संगठनात्मक रणनीति को मजबूत करने की तैयारी
कांग्रेस का मानना है कि वोटर लिस्ट की सटीकता चुनावी नतीजों पर बड़ा असर डालती है। इसलिए पार्टी चाहती है कि किसी भी क्षेत्र में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी या नामों की कटौती न हो। समिति का उद्देश्य यह भी रहेगा कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाए।
निष्पक्ष चुनाव के लिए निगरानी जरूरी
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले यह कदम कांग्रेस की संगठनात्मक तैयारी का हिस्सा है। इससे न केवल पार्टी अपने मतदाताओं के संपर्क में रहेगी, बल्कि चुनावी पारदर्शिता को लेकर भी उसका रुख स्पष्ट होगा।