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India-China Border Dispute: भारत और चीन के रिश्तों में लंबे समय से चली आ रही तल्खी के बीच अब एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी की हालिया भारत यात्रा के बाद बीजिंग ने बड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच सीमा पर मौजूद एक अहम विवाद सुलझा लिया गया है। यह सहमति ऐसे समय आई है जब लगभग पाँच साल से वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव बना हुआ था। इस समझौते से सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता की उम्मीद जगी है।
वार्ता से निकला समाधान
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने जानकारी दी कि वांग यी की 18 और 19 अगस्त को भारत यात्रा के दौरान कई स्तरों पर महत्वपूर्ण वार्ताएँ हुईं। इस दौरान वांग ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर से गहन चर्चा की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। बातचीत में दोनों देशों ने सीमा प्रबंधन, विवादित क्षेत्रों में शांति बनाए रखने और वार्ता तंत्र को बहाल करने पर सहमति जताई। इसके साथ ही बहुपक्षीय सहयोग, वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने और किसी भी तरह की दबाव बनाने वाली कार्रवाइयों का विरोध करने पर भी चर्चा हुई।
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रणनीतिक संबंधों में सुधार की उम्मीद
माओ निंग ने आगे कहा कि मौजूदा हालात भारत-चीन रिश्तों के रणनीतिक महत्व को और स्पष्ट करते हैं। वांग यी ने अपनी बैठकों में यह संदेश दिया कि द्विपक्षीय सहयोग न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी अहम है। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान वांग ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग की ओर से शुभकामनाएँ भी प्रेषित कीं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई सहमति से न केवल सीमावर्ती तनाव कम होगा बल्कि दोनों देशों के बीच आर्थिक और राजनीतिक सहयोग के नए अवसर भी खुल सकते हैं।