जेल के अंदर रची जा रही एक बड़ी साजिश को जेल सुरक्षाकर्मियों ने नाकाम कर दिया। मिलाई के दौरान जेल के सुरक्षाकर्मियों ने दो लोगों से पांच कारतूस बरामद किए है, जो जेल में बंद कुख्यात योगेश भदौड़ा के शूटर मीनू टिमकिया से मिलाई करने जा रहे थे। इस साजिश के नाकाम होन पर पुलिस व जेल प्रशासन ने मिलकर जेल के अंदर संघन चेकिंग अभियान चलाया और कई बैरक खंगाली, लेकिन वहां से कुछ नहीं मिला। पुलिस अब इस बिंदू पर पड़ताल कर रही है कि आखिर मीनू टिमकिया ने जेल में कारतूस क्यों मंगाए थे और उसका इरादा क्या था? इस घटना के बाद से जेल प्रशासन मीनू पर 24 घंटे निगरानी कर रहा है।
चार कारतूस 32 बोर के और एक 315 बोर का था
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया, मंगलवार को सुदेश निवासी मोहम्मदपुर गांव थाना जानी व प्रमेंद्र निवासी पथौली गांव थाना सरूरपुर जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर नवनीत उर्फ मीनू टिमकिया से मिलाई करने के लिए आए थे। उनके पास एक बैग था। जेल में प्रवेश देने से पहले जेल के सुरक्षाकर्मियों ने बैग की जांच की तो उसके अंदर फलों के बीच में पांच कारतूस मिले। इनमें चार कारतूस 32 बोर के और एक 315 बोर का था। कारतूस मिलते ही दोनों आरोपियों को जेल के सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में लेकर मेडिकल थाने की पुलिस को सूचित कर दिया था। जेल में कारतूस डिलीवरी की जानकारी मिलते ही सीओ सिविल लाइन आभिषेक तिवारी व मेडिकल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में लेकर थाने आ गई और कई घंटों की पूछताछ के बाद बुधवार को दोनों पर मुकदमा दर्ज जेल भेज दिया।
कुख्यात योगेश भदौड़ा का शार्प शूटर है मीनू
मीनू टिमकिया हिस्ट्रीशीटर है और कुख्यात योगेश भदौड़ा का शार्प शूटर है। मीनू पर 30 से ज़्यादा लूट,हत्या,रंगदारी आदि की धाराओं में मुकदमे में है। 24 नवंबर को जानी थाना पुलिस ने मीनू को गैर जमानती वारंट में जेल भेजा था। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया, इस घटना के बाद मीनू की बैरक बदल दी गई और जेल प्रशासन के साथ मिलकर पुलिस ने उसकी और अन्य बैरकों की तलाशी भी, लेकिन कोई आपत्तिजनक समान नहीं मिली है। एसपी सिटी ने बताया, जेल प्रशासन को मीनू की 24 घंटे निगरानी के आदेश दिए हैं।
मीनू के घर से मिला था बैग
हालांकि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और यह पता करने का प्रयास किया जा रहा है कि मीनू ने जेल में कारतूस किस इरादे से मंगाए थे? या फिर धोखे से आ गए थे? कहीं इसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी? लेकिन पूरी रात दोनों से चली पूछताछ में यह बात निकल कर आई है कि दोनों आरोपियों को मिलाई से पहले बैग मीनू के परिजनों ने घर से दिया था, जिसमें पहले से फल रखे थे और बैग मीनू का था। माना जा रहा है कि मीनू ने जेल जाने से पहले बैग में कारतूस रख दिए होंगे, जिसकी जानकारी उसके परिजनों को नही रही होगी। कारतूस से पहले तमंचा तो जेल के अंदर नहीं पहुंच गया? इन सभी बिंदूओं पर पुलिस जांच कर रही है और दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास का पता भी कर रही है।